पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन और लकड़ी परिवहन पर उठाए सवाल
सवाई माधोपुर। शहर में इन दिनों विकास के नाम पर हो रही पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ने आमजन और पर्यावरण प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया है। बाजार, बजरिया और मुख्य सड़कों के किनारे दशकों पुराने छायादार पेड़ों के कटने से शहर की रंगत फीकी पड़ गई है। लोगों का एक ही सवाल है— क्या हरियाली उजाड़े बिना विकास संभव नहीं था?
अनुमति से दोगुने पेड़ काटने का आरोप “पेड़ बचाओ अभियान” से जुड़े कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, तहसीलदार ने 4 मई को केवल 29 पेड़ काटने की अनुमति दी थी, जिसकी समय सीमा 11 मई तक थी। लेकिन आरोप है कि इस दौरान नियमों की अनदेखी कर करीब 70 से अधिक पेड़ धराशायी कर दिए गए। इनमें कई पेड़ ऐसे थे जो सड़क या फुटपाथ के निर्माण में बाधा भी नहीं बन रहे थे।
न सर्वे हुआ, न सुनी गई गुहार स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन से बार-बार मौका सर्वे करने और पेड़ों को बचाने के लिए ट्रांसफार्मर या खंभे शिफ्ट करने जैसे विकल्पों पर विचार करने की मांग की गई थी। लेकिन अधिकारियों ने इन सुझावों को नजरअंदाज कर दिया। आंदोलनकारियों ने अब साक्ष्य के तौर पर प्रत्येक पेड़ की जियो-ट्रैकिंग और फोटोग्राफी का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा है।
लकड़ी परिवहन पर भी उठे सवाल मामला सिर्फ कटाई तक सीमित नहीं है; लकड़ी के परिवहन को लेकर भी अनियमितता के आरोप लग रहे हैं। अनुमति की अवधि समाप्त होने के बाद भी भारी वाहनों से लकड़ी ढोई गई। बिना सार्वजनिक ट्रांजिट पास के हो रहे इस परिवहन ने अवैध मिलीभगत की चर्चाओं को हवा दे दी है।
भीषण गर्मी में पर्यावरण को भारी नुकसान मई की इस तपती धूप में पेड़ों का कटना शहर के तापमान को और बढ़ाएगा। प्रशासन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन पेड़ों के बदले नए पौधे कहां और कब लगाए जाएंगे। शहरवासियों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि विकास की कीमत प्रकृति को चुकाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
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2014 से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं। 2015 से 2021 तक गंगापुर सिटी पोर्टल (G News Portal) का बतौर एडिटर सञ्चालन किया। 2017 से 2020 तक उन्होंने दैनिक समाचार पत्र राजस्थान खोज खबर में काम किया। 2021 से 2022 तक दैनिक भास्कर डिजिटल न्यूज और साधना न्यूज़ में। 2021 से अब तक वे आवाज आपकी न्यूज पोर्टल और गंगापुर हलचल (साप्ताहिक समाचार पत्र) में संपादक और पत्रकार हैं। साथ ही स्वतंत्र पत्रकार हैं।