रिटायरमेंट पर HLAP के फुल पेमेंट की उठी मांग, WCREU ने AIRF को लिखा पत्र

रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी पहल: हाफ पे लीव (HLAP) को फुल पे में बदलने की मांग, महामंत्री मुकेश गालव ने उठाई आवाज

कोटा: वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्प्लाइज यूनियन (WCREU) ने सेवानिवृत्त होने वाले रेलवे कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। यूनियन ने रिटायरमेंट के समय मिलने वाले लीव इनकैशमेंट (छुट्टियों के बदले नकद भुगतान) के नियमों में बदलाव की वकालत की है।

AIRF को लिखा गया औपचारिक पत्र

WCREU के महामंत्री मुकेश गालव ने ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (AIRF) के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा को इस संबंध में एक विस्तृत पत्र भेजा है। पत्र में आग्रह किया गया है कि रिटायरमेंट पर HLAP (Half Leave Salary Account) का भुगतान ‘हाफ पे’ के बजाय ‘फुल पे’ के आधार पर किया जाना चाहिए।

क्या है वर्तमान नियम और विसंगति?

वर्तमान रेलवे नियमों के अनुसार:

  • कर्मचारी को रिटायरमेंट पर अधिकतम 300 दिनों की छुट्टियों का पैसा मिलता है।

  • यदि किसी कर्मचारी के पास 300 दिन की LAP (Full Pay Leave) शेष नहीं है, तो कमी को पूरा करने के लिए HLAP का उपयोग किया जाता है।

  • दिक्कत: HLAP का भुगतान वर्तमान में आधे वेतन (Half Pay) के आधार पर होता है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

यूनियन की दलील: वित्तीय सुरक्षा है जरूरी

WCREU के प्रवक्ता नरेंद्र जैन ने बताया कि यूनियन का मानना है कि यदि कर्मचारी के खाते में पर्याप्त HLAP बैलेंस है, तो उसे उसकी जमा पूंजी माना जाना चाहिए। महामंत्री मुकेश गालव ने पत्र में जोर देकर कहा कि:

“रिटायरमेंट के समय छुट्टियों का पूरा वित्तीय लाभ मिलना कर्मचारी का हक है। इससे उनकी सेवानिवृत्ति के बाद की वित्तीय सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी।”

WCREU ने AIRF से अपील की है कि इस गंभीर मुद्दे को रेलवे बोर्ड के समक्ष प्राथमिकता से उठाया जाए ताकि देशभर के लाखों रेलकर्मियों को इसका लाभ मिल सके।

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