भीलवाड़ा में सिल्वर फैब श्रमिक विवाद सुलझा, श्रमिकों को मिले सभी देय लाभ


उपश्रम आयुक्त की पहल से फैक्ट्री प्रबंधन और श्रमिकों में समझौता, चेक के माध्यम से देय हित लाभों का किया गया भुगतान।

भीलवाड़ा में सिल्वर फैब श्रमिक विवाद का श्रम विभाग की पहल से सौहार्दपूर्ण समाधान हो गया। टेक्सटाइल उद्योग की सिल्वर फैब फैक्ट्री से जुड़े श्रमिकों एवं फैक्ट्री प्रबंधन के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद लगातार सुनवाई, संवाद और समझाइश के बाद आपसी सहमति से समाप्त हो गया। समझौते के बाद सभी प्रभावित श्रमिकों को उनके देय हित लाभों का भुगतान चेक के माध्यम से किया गया।

श्रम विभाग की मध्यस्थता से बनी सहमति

जानकारी के अनुसार, काम से निकाले जाने की शिकायत को लेकर श्रमिकों ने श्रम विभाग में प्रकरण प्रस्तुत किया था। इसके बाद उपश्रम आयुक्त के निर्देशन में मामले की लगातार सुनवाई की गई तथा दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर विवाद के समाधान का प्रयास किया गया।

इस पूरी प्रक्रिया में श्रम अधिकारी शिवदयन सोलंकी, श्रम निरीक्षक मनीष कुमार शर्मा, महेंद्र चौहान तथा शिव प्रसाद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों के सतत प्रयासों और प्रभावी मध्यस्थता के परिणामस्वरूप श्रमिकों एवं फैक्ट्री संचालक संपत चौरड़िया के बीच आपसी सहमति बन गई।

श्रमिकों को मिले सभी देय हित लाभ

दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के अनुसार सभी प्रभावित श्रमिकों को उनके देय समस्त हित लाभों का भुगतान चेक के माध्यम से कराया गया। भुगतान प्राप्त करने के बाद श्रमिकों ने संतोष व्यक्त किया और विवाद के समाधान के लिए श्रम विभाग के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की।

सीटू पदाधिकारी और श्रमिक प्रतिनिधि रहे मौजूद

समझौते के दौरान श्रमिकों की ओर से भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के राज्य सचिव ओमप्रकाश देवानी सहित देवराज सिंह, लक्ष्मेंद्र मलिक, रामलाल जाट, प्रीतम माधव जाट तथा अन्य श्रमिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी श्रमिकों ने अपने-अपने चेक प्राप्त किए।

श्रम विभाग ने बताया समझौते का उद्देश्य

श्रम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि विभाग का उद्देश्य श्रमिकों एवं उद्योग प्रबंधन के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखते हुए श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि यह समझौता श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा संवाद के माध्यम से विवादों के समाधान का सकारात्मक उदाहरण है।

इस समझौते से न केवल लंबे समय से लंबित विवाद का समाधान हुआ, बल्कि श्रमिकों और प्रबंधन के बीच आपसी विश्वास एवं समन्वय को भी मजबूती मिली।

यह भी पढ़ें:


Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:

सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।

WhatsApp अभी जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *