प्रसूता मौत प्रकरण पर एक्शन में सरकार, भीलवाड़ा पहुंचे चिकित्सा मंत्री खींवसर


एमसीएच इकाई का निरीक्षण कर ऑपरेशन थिएटर से जुड़े दस्तावेज तलब, मंत्री बोले- जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे तथ्य।

भीलवाड़ा। प्रसूता मौत प्रकरण को लेकर राज्य सरकार ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। कोटा के सरकारी अस्पताल में प्रसूताओं की मौतों के बाद भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में सामने आए मामलों को भी गंभीरता से लिया गया है। लगातार बढ़ते जनाक्रोश, विपक्ष के विरोध प्रदर्शन और सर्व समाज के आंदोलन के बीच मंगलवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर भीलवाड़ा पहुंचे और महात्मा गांधी चिकित्सालय की मातृ एवं शिशु (एमसीएच) इकाई का निरीक्षण किया।

गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ स्वागत

चिकित्सा मंत्री के सर्किट हाउस पहुंचने पर पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. पूजा गंगराडे और महात्मा गांधी चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। अस्पताल पहुंचने पर नर्सेज यूनियन के पदाधिकारियों ने उपरना ओढ़ाकर मंत्री का अभिनंदन किया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल परिसर में आधुनिक नर्सिंग की जनक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

एमसीएच इकाई का किया निरीक्षण, दस्तावेज तलब

इसके बाद चिकित्सा मंत्री ने महात्मा गांधी चिकित्सालय की एमसीएच इकाई का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने ऑपरेशन थिएटर, वार्ड और अन्य चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा जांच से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज अधिकारियों से तलब किए।

निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि जयपुर से आई विशेषज्ञ टीम मामले की जांच कर रही है और प्रदेश स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी भीलवाड़ा पहुंच चुके हैं।

ऑपरेशन थिएटर से जुड़े कई बिंदुओं की हो रही जांच

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि ऑपरेशन थिएटर कब बंद किया गया, उसका कल्चर सैंपल कब लिया गया तथा उसके बाद वहां कोई डिलीवरी हुई या नहीं। इन सभी बिंदुओं से संबंधित दस्तावेज मंगवाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों के आधार पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

भीलवाड़ा के बाद बांसवाड़ा का करेंगे दौरा

मंत्री ने बताया कि भीलवाड़ा के निरीक्षण के बाद वे बांसवाड़ा जाकर वहां सामने आए मामलों की भी समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिला प्रशासन और जनसंपर्क विभाग के माध्यम से पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।

हालांकि, जब पत्रकारों ने चिकित्सकीय लापरवाही और संभावित कार्रवाई को लेकर सवाल किए तो मंत्री बिना कोई टिप्पणी किए वहां से रवाना हो गए।

अस्पताल और कलेक्ट्रेट परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा

मामले की संवेदनशीलता और जनाक्रोश को देखते हुए जिला प्रशासन ने महात्मा गांधी चिकित्सालय और कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार, एमसीएच विंग तथा कलेक्ट्रेट परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।

प्रदेशभर में बना चर्चा का विषय

गौरतलब है कि महात्मा गांधी चिकित्सालय की मातृ एवं शिशु (एमसीएच) इकाई में पिछले दिनों चार प्रसूताओं सहित पांच महिलाओं की मौत के मामले ने प्रदेशभर में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज कर दी है।

आमजन, सामाजिक संगठनों और मृतकों के परिजन अब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इस संवेदनशील मामले में क्या निर्णय लेती है और जांच के आधार पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है। यह मामला अब केवल अस्पताल की व्यवस्थाओं तक सीमित नहीं रहकर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन गया है।

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