भाविप महाराणा प्रताप शाखा का पांच दिवसीय शिविर, बच्चों को योग, अनुशासन और जीवन उपयोगी संस्कारों का प्रशिक्षण।
भीलवाड़ा। बाल संस्कार शिविर के माध्यम से घुमंतु समाज के बच्चों को संस्कार, शिक्षा और जीवन उपयोगी गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। भारत विकास परिषद, महाराणा प्रताप शाखा के तत्वावधान में स्थानीय भोपालगंज (आजाद नगर) स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में पांच दिवसीय विशेष बाल संस्कार शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
यह शिविर 13 जुलाई से प्रारंभ होकर 18 जुलाई तक अनवरत चलेगा। शिविर का आयोजन प्रतिदिन सायंकाल 4 बजे से 6 बजे तक किया जा रहा है। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य समाज के वंचित एवं घुमंतु वर्ग के बच्चों को संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना है।
घुमंतु समाज के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास
इस बाल संस्कार शिविर की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें गाडुलिया लोहार, सांसी, बंजारा सहित घुमंतु समाज के बालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आयोजन के माध्यम से इन बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके व्यक्तित्व विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
आयोजकों ने बताया कि बच्चे किसी भी राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव होते हैं। यदि बचपन से ही बच्चों को अच्छे संस्कार, खेलकूद और अनुशासन का वातावरण दिया जाए तो भविष्य में यही बच्चे एक सशक्त और विकसित राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
खेलकूद से बढ़ रहा आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल
शिविर में बच्चों को विभिन्न शारीरिक गतिविधियों और खेलों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार खेलकूद से बच्चों में शारीरिक मजबूती के साथ-साथ मानसिक चेतना, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए शिविर में विभिन्न गतिविधियां कराई जा रही हैं।
योग, स्वच्छता और महापुरुषों के प्रेरक प्रसंगों से मिल रही सीख
शिविर में बच्चों को शारीरिक गतिविधियों के साथ-साथ अनुशासन, स्वास्थ्य रक्षा और दैनिक स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा देश के गौरवशाली महापुरुषों के प्रेरक प्रसंग सुनाकर बच्चों को उनके जीवन और आदर्शों से परिचित कराया जा रहा है।
बच्चों के आध्यात्मिक और नैतिक विकास को ध्यान में रखते हुए उन्हें उच्च कोटि के संत साहित्य का निःशुल्क वितरण भी किया गया है। इसके माध्यम से बच्चों में अच्छे विचारों और सकारात्मक सोच का विकास करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशिक्षकों द्वारा दिया जा रहा विशेष मार्गदर्शन
शिविर में अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को सरल योग, प्राणायाम, ध्यान और शारीरिक व्यायाम का अभ्यास कराया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को मानसिक एकाग्रता और शारीरिक ऊर्जा बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
महिला संयोजिका निशा सैकड़ा के संयोजन में आयोजन
यह पूरा आयोजन महिला संयोजिका निशा सैकड़ा के कुशल संयोजन तथा शाखा अध्यक्ष उमा मिश्रा, सचिव सतीश बोहरा और कोषाध्यक्ष हरिवंश प्रसाद राठी की देखरेख में सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।
शिविर में मुख्य प्रशिक्षक एवं अतिथि के रूप में कश्मीर भट्ट, मधुबाला यादव और सीए मुकेश नवाल बच्चों को स्वास्थ्य, योग और जीवन उपयोगी संस्कारों की जानकारी प्रदान कर रहे हैं।
आयोजकों का कहना है कि संस्कारवान और जागरूक बालक ही भविष्य में समाज एवं राष्ट्र के विकास की मजबूत आधारशिला बनेंगे। ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच विकसित होती है, जो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
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Bhilwara, Rajasthan
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