डीग में शिव महापुराण कथा, जहां शिव हैं वहीं शुभ और लाभ है – पं. मुरारी लाल पाराशर


लक्ष्मण मंदिर में शिव महापुराण कथा के प्रथम दिवस भगवान शिव के त्याग, करुणा और शिवलिंग महिमा का किया भावपूर्ण वर्णन।

डीग। शहर के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर में आयोजित 11 दिवसीय श्री शिव महापुराण एवं पार्थिव शिवलिंग पूजन महोत्सव के प्रथम दिवस श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर भगवान शिव की महिमा का श्रवण किया। व्यासपीठ पर विराजमान लक्ष्मण मंदिर के महंत पंडित मुरारी लाल पाराशर ने शिव महापुराण कथा का रसपान कराते हुए कहा कि “जहां शिव हैं, वहीं शुभ है और जहां शुभ है, वहीं लाभ है।”

उन्होंने कहा कि भगवान शिव अजन्मा, स्वयंभू और आदियोगी हैं। शिव महापुराण का श्रद्धापूर्वक श्रवण करने से मनुष्य के पापों का नाश होता है और उसके जीवन में सुख, शांति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। भगवान शिव की आराधना से मन निर्मल होता है तथा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।

भगवान शिव त्याग और करुणा के प्रतीक

पंडित मुरारी लाल पाराशर ने कहा कि भगवान शिव त्याग, तपस्या, वात्सल्य और करुणा की साक्षात मूर्ति हैं। वे अत्यंत भोले हैं और सच्ची श्रद्धा से की गई भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का जीवन मानवता, सेवा और लोककल्याण का संदेश देता है।

नीलकंठ बनने की कथा सुनाई

कथा के दौरान पाराशर ने रामचरितमानस का उल्लेख करते हुए भगवान शिव के सरल और आडंबरहीन स्वरूप का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि तुलसीदास जी ने भगवान शिव को जन-सुलभ एवं सहज स्वभाव वाला बताया है।

उन्होंने समुद्र मंथन का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब कालकूट विष निकला तो उसके प्रभाव से समस्त सृष्टि संकट में पड़ गई। उस समय देवता और असुर सभी पीछे हट गए, लेकिन भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया। विष के प्रभाव से उनका कंठ नीला पड़ गया और तभी से वे नीलकंठ के नाम से विख्यात हुए।

श्रद्धालुओं ने किया कथा श्रवण

कथा के दौरान श्रद्धालु पूरे समय शिवभक्ति में लीन रहे। भगवान शिव के जयघोषों से मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा। आयोजन समिति ने बताया कि महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

यह भी पढ़ें:


Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:

सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।

WhatsApp अभी जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *