30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की स्क्रीनिंग बढ़ाने, हाई रिस्क गर्भावस्था और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर दिया गया।
डीग। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मान सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारियों एवं महिला स्वास्थ्य कर्मियों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, मानसिक स्वास्थ्य, टीबी मुक्त राजस्थान तथा एनीमिया मुक्त राजस्थान सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मान सिंह ने गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की बीपी, शुगर और कैंसर जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों की स्क्रीनिंग की जा रही है, उनका डेटा तत्काल संबंधित पोर्टल पर ऑनलाइन फीड किया जाए, ताकि स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड को अद्यतन रखा जा सके और जरूरतमंद मरीजों की समय पर निगरानी एवं उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया पर विशेष निगरानी
वर्षा ऋतु को देखते हुए बैठक में मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया। डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और मौसमी बुखार की रोकथाम के लिए फील्ड स्टाफ को सक्रिय सर्विलांस करने के निर्देश दिए गए।
बीसीएमओ ने कहा कि बुखार के प्रत्येक मरीज की रक्त पट्टिका अनिवार्य रूप से तैयार की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन स्रोतों को खत्म करने के लिए एंटी-लार्वा गतिविधियों और सोर्स रिडक्शन में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की होगी निगरानी
बैठक में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की समय पर पहचान और सुरक्षित प्रसव को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धर्मवीर फौजदार ने मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान कर उनकी शत-प्रतिशत लाइन-लिस्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रसव के समय हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए जिला अस्पताल स्तर पर रक्त की अग्रिम व्यवस्था तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी दिया विशेष जोर
मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. रामअवतार शर्मा ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले तनाव, अवसाद अथवा अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित मरीजों की उचित काउंसलिंग करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि गंभीर मामलों को विशेषज्ञ उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया जाए। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं काउंसलिंग के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन 18008914416 एवं 14416 पर संपर्क किया जा सकता है।
टीबी और एनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रम पर भी चर्चा
बैठक में टीबी मुक्त राजस्थान एवं एनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। स्वास्थ्य कर्मियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों से फील्ड स्तर पर सक्रिय रहकर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी बढ़ाने और आमजन को समय पर उपचार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
यह भी पढ़ें:

डीग, राजस्थान
Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:
सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।