सहस्त्रधारा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, हर-हर महादेव के जयघोषों के बीच श्रद्धालुओं ने किया अभिषेक और ग्रहण किया ठंडाई प्रसाद।
भीलवाड़ा। श्री बाबा धाम में आयोजित सहस्त्रधारा एवं रुद्राभिषेक कार्यक्रम के दौरान रविवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे और ऋणमुक्तेश्वर गौरी शंकर महादेव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में लगातार ‘हर-हर महादेव’ और ‘ओम नमः शिवाय’ के जयघोष गूंजते रहे।
श्री बाबा धाम के अध्यक्ष विनीत अग्रवाल के सानिध्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के लिए मंदिर को रंग-बिरंगी झिलमिल रोशनी, फरियों तथा फल-फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। भगवान ऋणमुक्तेश्वर गौरी शंकर महादेव का विशेष श्रृंगार भी किया गया।
1008 किलो दूध से हुआ विशेष रुद्राभिषेक
कार्यक्रम में पंडित गौतम गोविन्द एवं अन्य पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना प्रारंभ कराई। शाम 4:15 बजे से 7:15 बजे तक भगवान ऋणमुक्तेश्वर गौरी शंकर महादेव का विशेष रुद्राभिषेक किया गया।
रुद्राभिषेक में 1008 किलो दूध के साथ जल, पंचामृत एवं गन्ने के रस का उपयोग किया गया। इस दौरान भगवान शिव को बिल्वपत्र, आक के फूल और धतूरा अर्पित किए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक करते हुए शिव आराधना की।
ऋणमुक्तेश्वर महादेव के प्रति विशेष आस्था
मंदिर में स्थापित ऋणमुक्तेश्वर गौरी शंकर महादेव के प्रति श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है। धार्मिक मान्यता के अनुसार प्रत्येक गुरुवार को महादेव को चना दाल अर्पित करने से पितृ ऋण, मातृ ऋण एवं सखा ऋण से मुक्ति मिलती है। मंदिर की ओर से श्रद्धालुओं को चना दाल निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
मंदिर में स्थापित शिवलिंग को लेकर मान्यता है कि इसमें भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश एक ही स्वरूप में विद्यमान हैं। इसी विशेष धार्मिक मान्यता के कारण श्रद्धालुओं में मंदिर के प्रति गहरी आस्था बनी हुई है।
मां अन्नपूर्णा और मंशापूर्ण माताजी का भी हुआ श्रृंगार
धार्मिक आयोजन के दौरान श्री मां अन्नपूर्णा वैष्णो देवी का भी भव्य श्रृंगार किया गया। महिला मंडल की ओर से भजनों की प्रस्तुतियां दी गईं, जिससे मंदिर परिसर का वातावरण और अधिक भक्तिमय हो गया।
वहीं मां मंशापूर्ण माताजी के त्रिशूल पर राखी बांधने के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं को राखियां निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
महाआरती के बाद बांटी ठंडाई
रुद्राभिषेक संपन्न होने के बाद महाआरती आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। इसके बाद श्रद्धालुओं को ठंडाई का प्रसाद वितरित किया गया।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद मंदिर के सेवादारों ने व्यवस्थाओं को संभाले रखा। दर्शन और रुद्राभिषेक की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रही। मंदिर परिसर में ‘जय माता दी’ और ‘जय बाबा बालाजी’ के जयघोष भी गूंजते रहे।
भक्ति और सेवा से सराबोर रहा बाबा धाम
सहस्त्रधारा एवं रुद्राभिषेक के अवसर पर बाबा धाम में दिनभर भक्ति, सेवा और आस्था का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया। आयोजन ने श्रद्धालुओं को सामूहिक शिव आराधना और धार्मिक आस्था से जोड़ने का संदेश दिया।
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Bhilwara, Rajasthan
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