चारभुजानाथ, मसानिया भैरुनाथ, लक्ष्मीनारायण और सिंदरी के बालाजी का हुआ विशेष श्रृंगार, दर्शन के लिए दिनभर उमड़े श्रद्धालु।
भीलवाड़ा। भाई-बहन के प्रेम और स्नेह के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व की खुशियां इस बार मंदिरों तक भी पहुंचीं। शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान को रंग-बिरंगी राखियां अर्पित कर विशेष श्रृंगार किया गया। फूलों, राखियों और आकर्षक सजावट से सजे मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। भक्तों ने भगवान के विशेष श्रृंगार के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
रक्षाबंधन के अवसर पर शहर के चारभुजानाथ बड़ा मंदिर, पंचमुखी मोक्षधाम स्थित श्री मसानिया भैरुनाथ मंदिर, भोपालगंज स्थित प्राचीन श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर तथा सांगानेर स्थित श्री सिंदरी के बालाजी महाराज के मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। भगवान के मनमोहक श्रृंगार और राखियों की आकर्षक सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
चारभुजानाथ मंदिर में ठाकुरजी का सेठ स्वरूप
शहर के चारभुजानाथ बड़ा मंदिर में रक्षाबंधन के अवसर पर ठाकुरजी का आकर्षक एवं विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान चारभुजानाथ को चांदी एवं रत्न जड़ित विशेष पोशाक धारण कराई गई। सुंदर आभूषणों और मनमोहक श्रृंगार से सजे ठाकुरजी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
मंदिर के पुजारी विकास पाराशर एवं मनीष पाराशर ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर भगवान चारभुजानाथ को विशेष रूप से ‘सेठ जी’ का स्वरूप प्रदान किया गया। चांदी और रत्न जड़ित पोशाक में सजे ठाकुरजी की झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
मंदिर में दिनभर भक्तों का आना-जाना लगा रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की।
मसानिया भैरुनाथ का राखियों से हुआ विशेष श्रृंगार
दादाबाड़ी क्षेत्र स्थित पंचमुखी मोक्षधाम में श्री मसानिया भैरुनाथ मंदिर में भी रक्षाबंधन पर विशेष धार्मिक आयोजन हुआ। बाबा मसानिया भैरुनाथ का रंग-बिरंगी राखियों से मनमोहक श्रृंगार किया गया।
मंदिर के पुजारी संतोष कुमार खटिक ने बताया कि बाबा के विशेष श्रृंगार के लिए कोलकाता, जयपुर, सूरत और अहमदाबाद से विशेष रूप से राखियां मंगवाई गई थीं। विभिन्न रंगों और डिजाइनों वाली राखियों से बाबा का भव्य श्रृंगार किया गया।
रक्षाबंधन के अवसर पर मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती भी की गई। विशेष श्रृंगार के दर्शन के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचे।
लक्ष्मीनारायण मंदिर में दिखा अलौकिक श्रृंगार
श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर ट्रस्ट की ओर से भोपालगंज स्थित प्राचीन श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में भगवान का अलौकिक एवं भव्य श्रृंगार किया गया। भगवान श्री लक्ष्मीनारायणजी को अत्यंत कलात्मक और आकर्षक पोशाक धारण कराई गई।
ट्रस्टी ओम प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि प्रभु के मनमोहक स्वरूप के दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दर्शन कर लौट रहे भक्तों ने भगवान के विशेष श्रृंगार की सराहना की और परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
सिंदरी के बालाजी का भी हुआ मनोहारी श्रृंगार
सांगानेर स्थित श्री सिंदरी के बालाजी महाराज का भी रक्षाबंधन पर विशेष एवं मनोहारी श्रृंगार किया गया। मुख्य पुजारी गोपाल लाल पारीक ने बताया कि बालाजी महाराज को आकर्षक एवं रंग-बिरंगे वस्त्रों से सुशोभित कर भव्य मुकुट, आभूषण एवं विभिन्न प्रकार के श्रृंगार धारण करवाए गए।
मंदिर परिसर में विशेष पुष्प सज्जा भी की गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रृंगारकर्ता क्षितिज पारीक ने बालाजी महाराज का यह मनोहारी श्रृंगार किया।
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भगवान को राखियां अर्पित कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की गई।
राखियों की सजावट से निखरे मंदिर
रक्षाबंधन पर भगवान के श्रृंगार में राखियों का विशेष प्रयोग श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। रंग-बिरंगी राखियों, फूलों और आकर्षक सजावट से मंदिरों की सुंदरता और अधिक निखर गई।
श्रद्धालुओं ने भगवान के विशेष स्वरूप के दर्शन किए और पूजा-अर्चना, आरती एवं धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। कई मंदिरों में श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया गया।
रक्षाबंधन के अवसर पर मंदिरों में हुए इन विशेष आयोजनों ने भाई-बहन के प्रेम, आस्था और धार्मिक परंपराओं के सुंदर संगम का संदेश दिया। दिनभर मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की आवाजाही और धार्मिक जयकारों से गूंजते रहे।
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Bhilwara, Rajasthan
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