गंगापुर सिटी नगर परिषद चुनाव में भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, 60 वार्डों में मुकाबला


भाजपा और कांग्रेस ने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी की, वार्डवार मुकाबले के साथ स्थानीय मुद्दे और बागी प्रत्याशी भी रहेंगे अहम।

गंगापुर सिटी। नगर परिषद चुनाव 2026 को लेकर गंगापुर सिटी में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और इंडियन नेशनल कांग्रेस (कांग्रेस) ने नगर परिषद के वार्डों के लिए अपने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। दोनों दलों की ओर से अधिकृत प्रत्याशियों के फॉर्म ‘क’ एवं ‘ख’ रिटर्निंग अधिकारी को सौंपे जाने के बाद चुनावी मुकाबले की तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।

प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही शहर के अलग-अलग वार्डों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चौक-चौराहों, चुनाव कार्यालयों और मोहल्लों में प्रत्याशियों की जीत-हार को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। भाजपा ने संगठनात्मक पकड़, युवा चेहरों और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, वहीं कांग्रेस ने अनुभवी कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनाधार वाले चेहरों पर भरोसा जताया है।

वार्ड 1 से 10 तक भाजपा-कांग्रेस में सीधा मुकाबला

वार्ड 1 में भाजपा की जीनतमंडी/जीनत (पत्नी मांगीलाल) का मुकाबला कांग्रेस की रूवीना बानो से होगा। वार्ड 2 में भाजपा की रूकमणी के सामने कांग्रेस के राजेन्द्र मैदान में हैं।

वार्ड 3 में भाजपा ने कमला को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस से बुधराम चुनाव लड़ रहे हैं। वार्ड 4 में भाजपा के जगमोहन हरिजन और कांग्रेस के गोपाल आमने-सामने हैं।

वार्ड 5 में भाजपा की प्रेमलता का मुकाबला कांग्रेस की समयदेवी से होगा। वार्ड 6 में भाजपा के हुकम चंद के सामने कांग्रेस के राजेश वर्मा हैं।

वार्ड 7 में भाजपा की मंजू माली और कांग्रेस की जरीना बानो, वार्ड 8 में भाजपा की सुलोचना बाई गुर्जर और कांग्रेस की संतोबाई के बीच मुकाबला है।

वार्ड 9 में भाजपा के अतुल शर्मा (मुदगल) के सामने कांग्रेस के राजकुमार सैनी तथा वार्ड 10 में भाजपा के हेमन्त कुमार शर्मा के सामने कांग्रेस के नेमीचन्द चुनाव मैदान में हैं।

वार्ड 11 से 20 तक भी रोचक मुकाबले

वार्ड 11 में भाजपा के विकास सैनी और कांग्रेस के वीरेन्द्र आमने-सामने हैं। वार्ड 12 में भाजपा की पूजा का मुकाबला कांग्रेस की प्रियंका शर्मा से होगा।

वार्ड 13 में भाजपा के चेतराम गुर्जर और कांग्रेस के दुष्यन्त कटारिया के बीच मुकाबला है। वार्ड 14 में भाजपा के शाहरूख खान के सामने कांग्रेस के इमामबख्श मैदान में हैं।

वार्ड 15 में भाजपा के सुरेश चंद मीना और कांग्रेस के राकेश, वार्ड 16 में भाजपा की नीरू यादव और कांग्रेस की एकता चन्दानी के बीच मुकाबला होगा।

वार्ड 17 में भाजपा के रवि कुमार गोठवाल के सामने कांग्रेस के मनोज कुमार महावर, वार्ड 18 में भाजपा के कमलेश कुमार कोली के सामने कांग्रेस के विजेन्द्र कुमार बमनावत हैं।

वार्ड 19 में भाजपा की आशा शर्मा और कांग्रेस की सनिफा बानो, जबकि वार्ड 20 में भाजपा की चतरो देवी और कांग्रेस की मीनाक्षी शर्मा चुनाव मैदान में हैं।

वार्ड 21 से 30 तक प्रत्याशियों के बीच मुकाबला

वार्ड 21 में भाजपा के गोपाल लाल शर्मा और कांग्रेस के रविकांत के बीच मुकाबला है। वार्ड 22 में भाजपा के शशिमोहन शर्मा के सामने कांग्रेस के राजेश कुमार हैं।

वार्ड 23 में भाजपा के अब्दुल रहमान और कांग्रेस के आकिब खान, वार्ड 24 में भाजपा की जानकी और कांग्रेस की शाहीन बानो आमने-सामने हैं।

वार्ड 25 में भाजपा की आशा देवी और कांग्रेस की मनीषा, वार्ड 26 में भाजपा के जितेन्द्र कटारिया और कांग्रेस के नोरतन सोनी मैदान में हैं।

वार्ड 27 में भाजपा के राजेन्द्र कुमार और कांग्रेस की इन्द्रा, जबकि वार्ड 28 में भाजपा की उर्मिला और कांग्रेस के हरीलाल के बीच मुकाबला है।

वार्ड 29 में भाजपा की अंजू जाटव के सामने कांग्रेस के रतन तथा वार्ड 30 में भाजपा के अवध बिहारी के सामने कांग्रेस के कृष्णकुमार हैं।

वार्ड 31 से 40 तक भी सियासी जोरआजमाइश

वार्ड 31 में भाजपा के विजेन्द्र सिंह गुर्जर और कांग्रेस के प्रतीक नन्दानी आमने-सामने हैं। वार्ड 32 में भाजपा की ललिता देवी के सामने कांग्रेस की ममता हैं।

वार्ड 33 में भाजपा के अनिल कुमार और कांग्रेस के गोपाल, वार्ड 34 में भाजपा की सरोज और कांग्रेस की सीमादेवी के बीच मुकाबला है।

वार्ड 35 में भाजपा के महेश और कांग्रेस के गिरधारीलाल मैदान में हैं।

उपलब्ध सूची में वार्ड 36 का प्रत्याशी विवरण उपलब्ध नहीं है। वार्ड 37 में भाजपा के नरसी बैरवा और कांग्रेस के अभिषेक कुमार बैरवा, वार्ड 38 में भाजपा के अजय कुमार और कांग्रेस के नटवरसिंह के बीच मुकाबला होगा।

वार्ड 39 में भाजपा की मंजू गोयल और कांग्रेस की रतना, जबकि वार्ड 40 में भाजपा के विनोद कुमार गुप्ता और कांग्रेस के लोकेश आमने-सामने हैं।

वार्ड 41 से 50 तक भी कड़ा मुकाबला

वार्ड 41 में भाजपा के लोकेश शर्मा के सामने कांग्रेस के मुमताज अहमद हैं। वार्ड 42 में भाजपा के मुरारी लाल और कांग्रेस के रसीद के बीच मुकाबला है।

वार्ड 43 में भाजपा के राकेश और कांग्रेस के पप्पू, वार्ड 44 में भाजपा के रवि भूषण और कांग्रेस के रामजीलाल मैदान में हैं।

वार्ड 45 में भाजपा के संदीप मुदगल के सामने कांग्रेस के अमर सिंह मावई, जबकि वार्ड 46 में भाजपा के चन्द्रशेखर और कांग्रेस के जयसियारम के बीच मुकाबला होगा।

वार्ड 47 में भाजपा की विरमा देवी और कांग्रेस की रीना सैनी, वार्ड 48 में भाजपा की शांति देवी और कांग्रेस की सरोज मीना आमने-सामने हैं।

वार्ड 49 में भाजपा के गोविन्द नारायण और कांग्रेस के राहुल कुमार, जबकि वार्ड 50 में भाजपा की ममता शर्मा और कांग्रेस की कोमल प्रजापत चुनाव मैदान में हैं।

वार्ड 51 से 60 तक प्रत्याशियों में मुकाबला

वार्ड 51 में भाजपा के बच्चों सिंह सैनी और कांग्रेस के जाबिर के बीच मुकाबला है। वार्ड 52 में भाजपा की नसीबा के सामने कांग्रेस की किन्नों हैं।

वार्ड 53 में भाजपा के नरेश और कांग्रेस के ऋषिकेश मीना, वार्ड 54 में भाजपा के प्रशांत सिंह खंगारवाल और कांग्रेस के प्रेमप्रकाश मैदान में हैं।

वार्ड 55 में भाजपा के सत्येन्द्र पाराशर का मुकाबला कांग्रेस के पंकज कुमार से होगा। वार्ड 56 में भाजपा के मो. मोहसीन खान और कांग्रेस के मुहम्मद इस्माइल आमने-सामने हैं।

वार्ड 57 में भाजपा के मनोज और कांग्रेस के बाबूलाल, वार्ड 58 में भाजपा के जगमोहन माली और कांग्रेस के आजाद खान के बीच मुकाबला है।

वार्ड 59 में भाजपा की संतोष और कांग्रेस की नोसीदा बानो, जबकि वार्ड 60 में भाजपा की जरीना बानो के सामने कांग्रेस के मुजाहिद खान चुनाव मैदान में हैं।

स्थानीय मुद्दे बनेंगे चुनावी चर्चा का केंद्र

नगर परिषद चुनाव में प्रत्याशियों के लिए स्थानीय मुद्दे महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। शहर में पेयजल आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत, जल निकासी, साफ-सफाई और शहर के सौंदर्यीकरण जैसे मुद्दे मतदाताओं के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।

दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी अब वार्डों में जनसंपर्क अभियान तेज करेंगे। घर-घर संपर्क के साथ मतदाताओं से स्थानीय समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर संवाद किया जाएगा।

बागी प्रत्याशी बढ़ा सकते हैं दोनों दलों की परेशानी

अधिकृत प्रत्याशियों की सूची सामने आने के बाद टिकट की उम्मीद लगाए बैठे असंतुष्ट दावेदारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। कुछ वार्डों में बागी प्रत्याशी निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरते हैं तो भाजपा और कांग्रेस दोनों के अधिकृत प्रत्याशियों के सामने चुनौती बढ़ सकती है।

अब चुनावी मैदान में प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ने के साथ शहर में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। मतदाताओं के बीच प्रत्याशियों की छवि, स्थानीय मुद्दे, व्यक्तिगत जनसंपर्क और राजनीतिक समीकरण चुनाव परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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