78 प्रतिभाओं का सम्मान, 64 युवक-युवतियों का परिचय; समाज में कुप्रथाएं खत्म करने और शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर।
सवाई माधोपुर। महावर समाज का प्रतिभा सम्मान समारोह एवं युवक-युवती परिचय सम्मेलन रविवार को रेलवे संस्थान (लोको), रेलवे स्टेशन सवाई माधोपुर में हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित करने के साथ युवक-युवतियों को परिचय का अवसर दिया गया। समारोह के दौरान समाज में शिक्षा, सामाजिक सुधार, आपसी एकता और कुरीतियों को समाप्त करने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा बुद्ध के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह की अध्यक्षता महावर समाज जिलाध्यक्ष बद्रीलाल महावर ने की। मंच संचालन राजेंद्र कुमार महावर, घनश्याम लाल महावर एवं ओमप्रकाश महावर ने किया।
78 प्रतिभाओं का किया गया सम्मान
प्रतिभा सम्मान समारोह में शिक्षा एवं सरकारी सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली कुल 78 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
समारोह में सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 23 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसी प्रकार कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 32 छात्र-छात्राओं को सम्मान मिला।
इसके अलावा स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 8 छात्र-छात्राओं तथा विभिन्न सरकारी सेवाओं में नवनियुक्त 15 कर्मचारी एवं अधिकारियों का भी सम्मान किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने से विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ता है और नई पीढ़ी को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलती है।
64 युवक-युवतियों का कराया गया परिचय
समारोह के दौरान आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन में कुल 22 युवतियों और 42 युवकों ने अपना परिचय दिया। परिचय सम्मेलन में युवक-युवतियों के साथ उनके माता-पिता एवं परिवारजन भी शामिल हुए।
आयोजकों ने बताया कि ऐसे सम्मेलन समाज के परिवारों को आपसी संवाद का अवसर प्रदान करते हैं और विवाह संबंधों के लिए उचित परिचय उपलब्ध कराने में सहायक होते हैं।
सामाजिक कुप्रथाओं को खत्म करने पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए महावर समाज जिलाध्यक्ष बद्रीलाल महावर ने समाज में व्याप्त कुप्रथाओं एवं पुरानी परंपराओं का अंधानुकरण नहीं करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से मृत्यु भोज पूरी तरह बंद करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि समाज को शिक्षा, जागरूकता और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। सामाजिक आयोजनों का उद्देश्य केवल मेल-मिलाप नहीं, बल्कि समाज में आवश्यक सुधार और नई पीढ़ी को बेहतर दिशा देना भी होना चाहिए।
विवाह संबंधों में गोत्र मिलान को लेकर निर्णय
कार्यक्रम में विवाह संबंधों को लेकर गोत्र मिलान की परंपरा पर भी चर्चा हुई। समाज की ओर से स्वयं, माता और दादी के गोत्र को ध्यान में रखते हुए गोत्र मिलान करने का निर्णय लिया गया।
समाजजनों ने कहा कि सामाजिक व्यवस्थाओं में समयानुकूल सुधार और आपसी सहमति से लिए गए निर्णय समाज को अधिक संगठित एवं मजबूत बनाने में सहायक होंगे।
समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर किया सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में मूलचंद महावर, कंवरपाल महावर, ताराचंद महावर, सुरेंद्र महावर, भंवरलाल महावर, बल्लभ महावर, जगमोहन महावर, श्यामलाल महावर, राम प्रसाद महावर, रामस्वरूप महावर एवं राजू महावर सहित समाज के अनेक लोगों ने सहयोग किया।
समारोह में मुख्य अतिथि भूरालाल महावर रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. धनराज महावर, कुलदीप सिंह महावर, देवीलाल महावर एवं बाबूलाल महावर सहित समाज के अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान समाज की प्रतिभाओं, युवक-युवतियों एवं उनके परिवारजनों में उत्साह का माहौल रहा। आयोजकों ने सभी सहयोगकर्ताओं एवं समाजबंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी शिक्षा, सामाजिक सुधार और समाज की एकता को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
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