1 अक्टूबर के टेक्सटाइल कॉन्क्लेव का निमंत्रण, एमएसएमई, निर्यात, ग्रीन एनर्जी और नई टेक्सटाइल पॉलिसी पर अहम चर्चा।
भीलवाड़ा/नई दिल्ली। भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने, टेक्सटाइल एमएसएमई सेक्टर को मजबूत बनाने और वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में लघु उद्योग भारती ने महत्वपूर्ण पहल की है। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर आगामी 1 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले टेक्सटाइल कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए उन्हें सादर आमंत्रित किया।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय वस्त्र मंत्री के बीच भारतीय टेक्सटाइल उद्योग के विकास, एमएसएमई सेक्टर की मजबूती तथा वैश्विक बाजार में भारतीय टेक्सटाइल उत्पादों की पहुंच बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने उद्योग से जुड़े विभिन्न मुद्दों और भविष्य की संभावनाओं से भी मंत्री को अवगत कराया।
एमएसएमई और निर्यात बढ़ाने पर हुआ मंथन
बैठक में टेक्सटाइल क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी, ग्रीन एनर्जी के उपयोग, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के माध्यम से भारतीय उद्योगों के लिए उपलब्ध अवसरों तथा टेक्सटाइल इकाइयों को अधिक से अधिक निर्यात से जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भारतीय टेक्सटाइल उद्योग में वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं। इसके लिए छोटे एवं मध्यम उद्यमों को मजबूत बनाना और उन्हें आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता तथा बेहतर बाजार उपलब्ध कराना आवश्यक है।
टेक्सटाइल एमएसएमई के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर
लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने टेक्सटाइल एमएसएमई के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं एवं नीतियों का लाभ छोटे और मध्यम उद्यमों तक प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए।
संगठन ने टेक्सटाइल उद्योग की जमीनी समस्याओं, उत्पादन लागत, निर्यात और ऊर्जा से जुड़े मुद्दों को नीति-निर्माताओं के समक्ष रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
1 अक्टूबर के टेक्सटाइल कॉन्क्लेव का दिया निमंत्रण
प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह को 1 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित टेक्सटाइल कॉन्क्लेव में शामिल होने का निमंत्रण दिया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कॉन्क्लेव के माध्यम से टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े विभिन्न मुद्दों, चुनौतियों और संभावनाओं पर व्यापक स्तर पर चर्चा की जाएगी।
आयोजकों का उद्देश्य उद्योग, एमएसएमई क्षेत्र और नीति-निर्माताओं के बीच संवाद को मजबूत करना तथा भारतीय टेक्सटाइल उद्योग के लिए भविष्य की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा को आगे बढ़ाना है।
टेक्सटाइल सचिव से भी हुई नई पॉलिसी पर चर्चा
केंद्रीय वस्त्र मंत्री से मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल ने टेक्सटाइल सचिव श्रीमती आरती कंवर के साथ आगामी टेक्सटाइल पॉलिसी को लेकर विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा की।
टेक्सटाइल सचिव ने बताया कि आगामी योजनाओं में सीजीटीएमएसई जैसी क्रेडिट सपोर्ट व्यवस्था को टेक्सटाइल सेक्टर की योजनाओं से जोड़ने की दिशा में आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे। इससे टेक्सटाइल क्षेत्र के एमएसएमई को वित्तीय सहायता और ऋण सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है।
ब्रांडिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा देने की तैयारी
बैठक में भारतीय टेक्सटाइल उत्पादों की ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग को बढ़ावा देने के विषय पर भी चर्चा हुई। टेक्सटाइल मंत्रालय की आगामी योजनाओं में भारतीय उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मजबूत ब्रांडिंग और प्रभावी मार्केटिंग के माध्यम से भारतीय टेक्सटाइल उत्पादों को घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बेहतर पहचान दिलाई जा सकती है।
ग्रीन एनर्जी और सोलर पैनल के लिए प्रोत्साहन पर विचार
टेक्सटाइल उद्योग की ऊर्जा लागत को कम करने के उद्देश्य से सोलर पैनल और ग्रीन एनर्जी से संबंधित वित्तीय सहायता एवं प्रोत्साहन के प्रावधानों पर भी विचार किया जा रहा है।
इससे टेक्सटाइल इकाइयों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में मदद मिलने के साथ ऊर्जा लागत कम करने और सस्टेनेबल एवं ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
केंद्रीय वस्त्र मंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सह-महासचिव नरेश पारीक, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बलदेव भाई प्रजापति, टेक्सटाइल उत्पाद समूह के अध्यक्ष महेश हुरकट, टेक्सटाइल सह-समन्वयक कपिल गुप्ता, सह-समन्वयक पल्लवी लढ़ा, गुजरात प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर भाई पटेल, दीपक शर्मा, भीम राणा, दीपक सिंघल और दीपक गुप्ता सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
टेक्सटाइल उद्योग के भविष्य के लिए अहम पहल
केंद्रीय वस्त्र मंत्री एवं टेक्सटाइल सचिव के साथ हुई बैठकों को टेक्सटाइल एमएसएमई की समस्याओं, संभावनाओं और भविष्य की दिशा को नीति-निर्माताओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उद्योग जगत को उम्मीद है कि एमएसएमई के लिए बेहतर क्रेडिट सपोर्ट, निर्यात को बढ़ावा, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग, ग्रीन एनर्जी और नई टेक्सटाइल पॉलिसी से जुड़े प्रस्तावों पर आगे सकारात्मक पहल होगी। इससे भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में नई संभावनाएं खुल सकती हैं।
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Bhilwara, Rajasthan
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