सवाई माधोपुर अभियोजन भवन का लोकार्पण


लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आधुनिक अभियोजन भवन और पीसीएमएस एप का शुभारंभ कर न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाने का आह्वान किया

सवाई माधोपुर।पंकज शर्मा। समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुलभ, त्वरित और निष्पक्ष न्याय पहुंचाना लोकतंत्र की मूल भावना है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को सवाई माधोपुर में अभियोजन विभाग के जिला स्तरीय भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था पर आमजन का विश्वास बनाए रखना सभी संबंधित संस्थाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और नया अभियोजन भवन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा, सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री गौतम कुमार दक तथा गृह एवं गोपालन राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। समारोह के दौरान अभियोजन प्रकरण प्रबंधन प्रणाली (पीसीएमएस) के डिजिटल प्लेटफॉर्म और एप का भी शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही राजस्थान अभियोजन अधिकारी एसोसिएशन की नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा पुरोहित के नेतृत्व में गठित नई प्रदेश कार्यकारिणी को भी शपथ दिलाई गई।

न्याय व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने की जिम्मेदारी

अपने संबोधन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि जब कोई व्यक्ति न्याय की अपेक्षा लेकर न्यायालय पहुंचता है, तो उसकी सबसे बड़ी उम्मीद निष्पक्ष और समयबद्ध न्याय प्राप्त करने की होती है। ऐसे में अभियोजन अधिकारियों और अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने में देरी समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, इसलिए न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान और आधुनिक विधिक प्रक्रियाओं के उपयोग से न्याय प्रणाली लगातार मजबूत हो रही है। नई न्याय संहिताओं तथा तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग से अपराध जांच और न्यायिक प्रक्रिया को नई गति मिली है। बिरला ने अभियोजन विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों और तकनीक आधारित कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि इससे न्याय वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है नया अभियोजन भवन

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि नया अभियोजन भवन अधिकारियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराएगा और न्यायिक कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक होगा। उन्होंने बताया कि सरकार गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने तथा लोक अदालतों जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे आधुनिक तकनीकों और डिजिटल प्रणालियों का अधिकतम उपयोग करें ताकि न्याय प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी तथा प्रभावी बनाया जा सके।

पीसीएमएस एप से होगी मामलों की रियल टाइम मॉनिटरिंग

समारोह के दौरान अभियोजन प्रकरण प्रबंधन प्रणाली (पीसीएमएस) के डिजिटल प्लेटफॉर्म का औपचारिक शुभारंभ भी किया गया। इस अवसर पर जानकारी दी गई कि यह प्रणाली न्याय व्यवस्था में पहले से कार्यरत सीसीटीएनएस और ई-कोर्ट प्रणाली के साथ एकीकृत रूप से कार्य करेगी।

एफआईआर दर्ज होने से लेकर अंतिम निर्णय तक प्रकरणों की रियल टाइम मॉनिटरिंग, ऑनलाइन केस ट्रैकिंग, त्वरित रिपोर्टिंग और प्रभावी प्रबंधन इस प्रणाली के माध्यम से संभव होगा। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में इस प्लेटफॉर्म में मोबाइल एप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित विश्लेषण तथा उन्नत दस्तावेज प्रबंधन जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी।

न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाएगा नया भवन : डॉ. किरोड़ीलाल मीणा

कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने अभियोजन भवन की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह भवन न्याय व्यवस्था को अधिक सशक्त और प्रभावी बनाएगा।

उन्होंने कहा कि यह सुविधा विशेष रूप से गरीबों और पीड़ितों को न्याय दिलाने में मददगार साबित होगी। साथ ही उन्होंने अभियोजन अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इन संसाधनों का उपयोग अपराधियों को सजा दिलाने और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने के लिए करें। यदि न्याय प्रक्रिया से जुड़े लोग अपनी जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभाएंगे तो अपराधियों में कानून का भय और आमजन में न्यायिक व्यवस्था के प्रति विश्वास दोनों मजबूत होंगे।

जनता का विश्वास बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी : जोगाराम पटेल

विधि एवं विधिक कार्य तथा संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि अभियोजन विभाग न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण धुरी है। उन्होंने निष्पक्षता, पारदर्शिता और पीड़ित केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने पर बल देते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखना सभी संबंधित संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि अभियोजकों, अभिभाषकों, अधिवक्ताओं और न्याय प्रक्रिया से जुड़े सभी लोगों को नए भवन और आधुनिक सुविधाओं का उपयोग आमजन को न्याय दिलाने के उद्देश्य से करना चाहिए। राज्य सरकार ने इसी सोच के तहत अभियोजन भवन का निर्माण कराया है तथा इसमें ई-लाइब्रेरी सहित आधुनिक तकनीकी सुविधाएं विकसित की हैं।

1.48 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ भवन

समारोह में निदेशक अभियोजन तिरुपति गुप्ता ने भवन की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 2,550 वर्गफीट क्षेत्रफल में निर्मित यह भवन 1.48 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।

उन्होंने बताया कि भवन में ई-लाइब्रेरी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, अभियोजकों के लिए प्रशिक्षण केंद्र तथा अन्य आधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ये सुविधाएं पूर्वी राजस्थान में अभियोजन सेवाओं को नई दिशा प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और डिजिटल अभियोजन प्रणाली के माध्यम से विभाग अधिक सक्षम एवं परिणामोन्मुख बनेगा।

कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर विधायक जितेंद्र गोठवाल, पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर, जिला कलक्टर काना राम, पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रयी, उपनिदेशक अभियोजन मेघराम मीणा सहित न्याय, अभियोजन और प्रशासनिक विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने भी भाग लिया।

यह भी पढ़ें:


Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:

सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।

WhatsApp अभी जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *