तीन दिन से चल रही कयासबाजी पर लगा ब्रेक, वार्ड 9 की पार्षद जसवंत कंवर ने दो नामांकन दाखिल किए, संतोष कंवर भी मैदान में
भीलवाड़ा।भीलवाड़ा नगर निगम के महापौर पद को लेकर पिछले तीन दिनों से चल रही सियासी अटकलों पर भाजपा ने बुधवार को विराम लगा दिया। पार्टी ने वार्ड 9 से निर्वाचित 37 वर्षीय जसवंत कंवर को महापौर पद का प्रत्याशी बनाया। जसवंत कंवर ने बुधवार को महापौर पद के लिए दो नामांकन पत्र दाखिल किए। उनके सामने वार्ड 10 से निर्दलीय पार्षद संतोष कंवर ने भी नामांकन दाखिल किया है। मौजूदा नामांकन स्थिति के अनुसार कांग्रेस की ओर से कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं है।
भाजपा के पास नगर निगम के 70 वार्डों में से 45 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के 10 और निर्दलीय पार्षदों की संख्या 15 है। महापौर चुनाव के लिए बहुमत का आंकड़ा 36 है। नामांकन के साथ ही भीलवाड़ा नगर निगम को पहली महिला महापौर मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। महापौर पद के लिए चुनाव 21 सितंबर को होना है।
जिन नामों पर तीन दिन से चर्चा, वे सभी पीछे छूटे
महापौर पद को लेकर पिछले तीन दिनों से राजनीतिक गलियारों में कई नामों की चर्चा थी। सांसद दामोदर अग्रवाल खेमे से सुमन ओझा, पूर्व विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी खेमे से पूर्णिमा जैन और निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी की ओर से ममता बाहेती के नाम की चर्चाएं थीं।
हालांकि भाजपा ने इन चर्चित नामों से अलग जसवंत कंवर को महापौर पद का प्रत्याशी बनाकर आखिरी समय तक चल रही कयासबाजी पर विराम लगा दिया। जसवंत कंवर का नाम सामने आने के बाद महापौर पद के लिए चल रही चर्चाओं का रुख बदल गया।
भाजपा कार्यालय से निगम तक पहुंचीं जसवंत कंवर
महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल करने से पहले जसवंत कंवर भाजपा कार्यालय पहुंचीं। यहां पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह सांसद दामोदर अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, विधायक अशोक कोठारी, पूर्व विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी सहित पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ नगर निगम पहुंचीं।
नगर निगम पहुंचकर जसवंत कंवर ने महापौर पद के लिए दो नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन के दौरान भाजपा नेताओं और समर्थकों की मौजूदगी रही।
पहली बार चुनाव लड़ीं, 2165 वोट से जीतीं
जसवंत कंवर ने वार्ड 9 से पहली बार चुनाव मैदान में उतरकर जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 2165 मतों के अंतर से हराया। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार जसवंत कंवर को 2538 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी खुशबू शर्मा को 373 वोट प्राप्त हुए।
37 वर्षीय जसवंत कंवर पोस्ट ग्रेजुएट और गृहिणी हैं। पहली बार चुनाव जीतकर पार्षद बनने के बाद अब भाजपा ने उन्हें नगर निगम के महापौर पद के लिए प्रत्याशी बनाया है। वार्ड 9 के परिणाम में उनकी 2165 मतों की जीत की पुष्टि चुनावी रिपोर्टों में भी हुई है।
भाजपा के 45 पार्षदों में 10 राजपूत समाज से
नगर निगम के 70 वार्डों में भाजपा ने 45 सीटों पर जीत दर्ज की है और बहुमत हासिल किया है। चुनावी आंकड़ों के अनुसार भाजपा के निर्वाचित 45 पार्षदों में 10 पार्षद राजपूत समाज से संबंधित बताए गए हैं। भाजपा ने इसी सामाजिक पृष्ठभूमि से आने वाली जसवंत कंवर को महापौर पद का प्रत्याशी बनाया है।
अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद महापौर चुनाव की अगली तस्वीर मतदान और अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं के साथ स्पष्ट होगी। भाजपा के 45 पार्षद होने और बहुमत का आंकड़ा 36 होने की स्थिति में निगम में संख्याबल का समीकरण स्पष्ट है।
एक सामाजिक पृष्ठभूमि, दो दावेदार और महापौर की कुर्सी
जसवंत कंवर के भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद महापौर पद की तस्वीर काफी हद तक साफ हुई थी, लेकिन संतोष कंवर के निर्दलीय नामांकन ने चुनाव में एक और दावेदार जोड़ दिया। दोनों महिला पार्षद एक ही सामाजिक पृष्ठभूमि से आती हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक राह अलग है।
जसवंत कंवर भाजपा के टिकट पर वार्ड 9 से निर्वाचित हुई हैं, जबकि संतोष कंवर वार्ड 10 से निर्दलीय पार्षद चुनी गई हैं। उपलब्ध नामांकन संबंधी रिपोर्टों के अनुसार दोनों अब महापौर पद के लिए मैदान में हैं।
ऐसे में इस घटनाक्रम को सीधे तौर पर किसी सामाजिक एकता या बिखराव का प्रमाण मानना उचित नहीं होगा। हालांकि दो दावेदारों के सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाओं में यह सवाल जरूर उठ रहा है कि महापौर पद के लिए क्या किसी एक नाम पर सहमति बन सकती थी।
अब नजर 21 सितंबर को होने वाले महापौर चुनाव पर है। मतदान और चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नगर निगम के अगले महापौर के संबंध में अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
यह भी पढ़ें:
Bhilwara, Rajasthan
Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:
सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।