बौली क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में चलाया सघन अभियान, पदोन्नति, वेतन, डीपीसी, स्टाफिंग पैटर्न और ऑनलाइन काउंसलिंग की मांग उठी
बौली। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के तत्वावधान में मंगलवार को बौली क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में सघन सदस्यता अभियान चलाया गया। इस दौरान संघ पदाधिकारियों ने शिक्षकों से संपर्क कर उनकी विभिन्न समस्याओं और मांगों की जानकारी ली। अभियान प्रदेश महामंत्री रामदयाल मीणा, प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री सोहनलाल गुप्ता एवं जिला कोषाध्यक्ष नरेश सिसोदिया के नेतृत्व में आयोजित हुआ।
अभियान के दौरान पदाधिकारियों ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जस्टाना, संस्कृत विद्यालय जस्टाना, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बौली, महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पीपल्दा सहित बौली के विभिन्न विद्यालयों का दौरा किया। इस दौरान विद्यालयों में संघ पदाधिकारियों का माला एवं साफा पहनाकर स्वागत किया गया।
पदोन्नति और डीपीसी जल्द कराने की मांग
बैठक में प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री सोहनलाल गुप्ता ने शिक्षकों की प्रमुख समस्याओं और मांगों को रखा। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षकों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार प्रयासरत है।
उन्होंने मांग की कि प्रबोधकों की पदोन्नति सामान्य वरिष्ठ अध्यापक के पद पर की जाए। महात्मा गांधी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के पद स्वीकृत किए जाएं तथा तृतीय श्रेणी अध्यापकों की डीपीसी अतिशीघ्र करवाकर वरिष्ठ अध्यापकों के रिक्त पद भरे जाएं।
वेतन और वित्तीय राहत से जुड़े मुद्दे
शिक्षकों ने पीडी मद के शिक्षकों को समय पर वेतन दिलाने, सातवें वेतन आयोग का विकल्प दोबारा खोलने और वर्ष 2018 में नियुक्त शिक्षकों की वेतन विसंगति का निस्तारण करने की मांग रखी।
इसके अलावा स्कूलों में विभिन्न ग्रांट समय पर जारी करने की मांग भी उठाई गई, ताकि विद्यालयों से जुड़े आवश्यक कार्य प्रभावित नहीं हों।
ऑनलाइन काउंसलिंग और स्टाफिंग पैटर्न लागू करने की मांग
शिक्षकों ने एकल विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति तथा उप प्रधानाचार्य एवं प्रधानाचार्य की ऑनलाइन काउंसलिंग जल्द कराने की मांग की। छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुसार स्टाफिंग पैटर्न लागू करने की मांग भी रखी गई।
पीएस और यूपीएस विद्यालयों में ऑनलाइन कार्यों के लिए कंप्यूटर और प्रिंटर उपलब्ध कराने की मांग भी शिक्षकों ने संघ पदाधिकारियों के सामने रखी।
स्कूल समय और टीईटी को लेकर भी मांग
बैठक में मांग की गई कि स्कूलों का समय 15 अक्टूबर तक यथावत रखा जाए। साथ ही वर्ष 2010 से पहले कार्यरत शिक्षकों को टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता से राहत देने की मांग की गई।
समस्याओं के निस्तारण का दिया आश्वासन
जिला कोषाध्यक्ष नरेश सिसोदिया ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि ब्लॉक स्तर की समस्याओं को मुख्य ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (CBEO) तथा जिला स्तर की समस्याओं को मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (CDEO), सवाई माधोपुर के समक्ष उठाकर समाधान का प्रयास किया जाएगा। वहीं प्रांतीय स्तर की समस्याओं को प्रांतीय कार्यालय तक पहुंचाया जाएगा।
शिक्षकों ने संघ के प्रयासों की सराहना की
संपर्क अभियान के दौरान जगदीश प्रसाद मीणा (प्रधानाचार्य बौली), आसाराम मीणा (प्रधानाचार्य बालिका बौली), चैन राम मीणा (प्रधानाचार्य एमजीजीएस पीपल्दा), चेतराम मीणा, फारुख खान, रविंद्र सेन, प्रधान सिंह गुर्जर, राजेंद्र कुमार मीणा, रमेश चंद मीणा, सीताराम मीणा, निधि अग्रवाल और सरला शर्मा सहित अनेक शिक्षकों ने अपनी समस्याओं से पदाधिकारियों को अवगत कराया।
उपस्थित शिक्षकों ने ग्रीष्मावकाश कटौती वापस दिलवाने को लेकर संघ (सियाराम) के प्रयासों की सराहना की।
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