शाहपुरा उप कारागृह में बोर्ड ऑफ विजिटर्स का त्रैमासिक निरीक्षण


बंदियों की समस्याएं सुनीं, विधिक सहायता, भोजन, पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

शाहपुरा। माननीय सुप्रीम कोर्ट के ‘सुकन्या शांता बनाम भारत संघ’ मामले में दिए गए निर्णय की पालना में उप कारागृह शाहपुरा का बोर्ड ऑफ विजिटर्स द्वारा त्रैमासिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और विधिक सहायता सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की स्थिति जांची गई।

निरीक्षण अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सानिया हाशमी की अगुवाई में किया गया। बोर्ड ऑफ विजिटर्स में उपखंड अधिकारी बनवारी लाल सिनसिनवार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजुम कायल, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनुप सिंह मीणा, नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी पुरुषोत्तम पंवार, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा, चिकित्सक डॉ. रविन्द्र धनोपिया तथा अपर लोक अभियोजक हितेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।

बंदियों से भेदभाव को लेकर की पूछताछ

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बंदियों से जाति, धर्म और दिव्यांगता के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव को लेकर सीधे बातचीत की। अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि जेल में बंदियों को किसी तरह के भेदभाव या असमान व्यवहार का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है।

बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बंदियों के साथ जाति, धर्म, दिव्यांगता अथवा किसी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं किया जाए। इस संबंध में उप कारापाल किशन लाल मीणा को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

रसोई और पेयजल व्यवस्था की जांच

बोर्ड ने उप कारागृह की रसोई व्यवस्था का निरीक्षण किया और बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन के संबंध में जानकारी ली। इसके साथ ही पेयजल, साफ-सफाई और जेल परिसर की स्वच्छता की स्थिति भी देखी गई।

अधिकारियों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा मानकों का भी जायजा लिया। इसके अलावा बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं तथा आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।

विधिक सहायता और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी

निरीक्षण के दौरान विधिक सहायता एवं विधिक सेवा क्लिनिक की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बंदियों से बातचीत कर उनकी कानूनी समस्याओं और लंबित मामलों के संबंध में जानकारी ली।

बंदियों को निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त करने सहित उनके विधिक अधिकारों के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों ने व्यक्तिगत शिकायतों और जेल में उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर बंदियों से संवाद किया।

बोर्ड ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने और बंदियों की शिकायतों का नियमानुसार निराकरण करने पर जोर दिया।

जेल प्रशासन को व्यवस्थाएं बेहतर रखने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जेल अधिकारी-कर्मचारी और अन्य संबंधित कर्मचारी भी मौजूद रहे। बोर्ड ऑफ विजिटर्स का यह त्रैमासिक निरीक्षण जेल की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा तथा बंदियों के अधिकारों और सुविधाओं की निगरानी के उद्देश्य से किया गया।

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