सवाई माधोपुर में LGBTQIA+ अधिकारों और दहेज उत्पीड़न पर प्रशिक्षण


एडीआर सेंटर में विधिक जागरूकता सत्र आयोजित, लैंगिक संवेदनशीलता, पीड़ितों के अधिकारों और निःशुल्क कानूनी सहायता पर दिया जोर

सवाई माधोपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार गुरुवार, 15 अक्टूबर को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सवाई माधोपुर की सचिव समीक्षा गौतम की अध्यक्षता में एडीआर सेंटर में प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं संवेदनशीलता सत्र आयोजित किया गया। इसमें LGBTQIA+ समुदाय के अधिकारों, दहेज उत्पीड़न की रोकथाम तथा न्यायिक निर्णय लेखन में लैंगिक संवेदनशीलता और करुणा जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।

LGBTQIA+ समुदाय के अधिकारों और विधिक सहायता पर चर्चा

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने LGBTQIA+ समुदाय के अधिकारों, उनके विधिक संरक्षण और उन्हें उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से बताया।

इस दौरान चिकित्सा विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विभागों में समुदाय के लोगों के लिए संचालित योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी साझा की।

दहेज उत्पीड़न की रोकथाम के कानूनी प्रावधान बताए

प्रशिक्षण कार्यक्रम में दहेज उत्पीड़न की रोकथाम, दहेज निषेध अधिनियम, 1961 और घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 सहित संबंधित कानूनी प्रावधानों पर चर्चा की गई।

प्रतिभागियों को दहेज उत्पीड़न के मामलों में पीड़ितों की पहचान, उन्हें उपलब्ध विधिक सहायता और शिकायत निवारण तंत्र के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने और उनकी शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने के महत्व पर जोर दिया गया।

न्यायिक निर्णय लेखन में लैंगिक संवेदनशीलता पर जोर

कार्यक्रम में Judgment and Gender Sensitivity and Compassion in Writing Judgments विषय पर भी प्रशिक्षण दिया गया। इसमें न्यायिक प्रक्रिया के दौरान पीड़ितों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और लैंगिक अल्पसंख्यकों के प्रति संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई।

इसके साथ ही उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, गरिमा का सम्मान और न्यायिक प्रक्रिया में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने से जुड़े पहलुओं पर जानकारी दी गई। सत्र का उद्देश्य विधिक सेवाओं से जुड़े लोगों में संवेदनशीलता बढ़ाना और जरूरतमंद व्यक्तियों को सम्मानजनक सहायता उपलब्ध कराने की समझ विकसित करना रहा।

विभिन्न तालुकाओं के पैनल अधिवक्ता और अधिकार मित्र हुए शामिल

कार्यक्रम में सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के साथ गंगापुर सिटी, बौंली, बामनवास, खण्डार और चौथ का बरवाड़ा की तालुका विधिक सेवा समितियों से जुड़े पैनल अधिवक्ता एवं अधिकार मित्र उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को LGBTQIA+ समुदाय के अधिकारों, दहेज उत्पीड़न की रोकथाम और न्यायिक प्रक्रिया में लैंगिक संवेदनशीलता के महत्व से अवगत कराया गया।

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