चतुर्थ नवरात्रा पर माता को हलवा, चना और मालपुए का भोग, भगवान विष्णु-लक्ष्मी और ब्रह्मा जी की सजीव झांकियों ने मोहा मन
गंगापुर सिटी। नवदुर्गा सेवा समिति के तत्वावधान में पुरानी अनाज मंडी स्थित सीताराम परिसर में आयोजित नौ दिवसीय नवरात्रा महोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। चतुर्थ नवरात्रा के अवसर पर बुधवार शाम महाआरती के दौरान माता के जयकारों से परिसर गूंज उठा। इसके बाद माता के भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे और भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की।
महाआरती में उमड़े श्रद्धालु
बुधवार शाम 7 बजे आयोजित महाआरती में शहर के गणमान्य नागरिकों सहित सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान पूर्व उपसभापति दीपक सिंघल, राजेंद्र वैद्य, घनश्याम सिंह, एडवोकेट महेश पाल सिंह जादौन, दामोदर लाल, महेश पंसारी, अरविंद, महेश वैद्य, विकास शुक्ला, राधा मोहन, प्रेमचंद, महेंद्र गर्ग, अनुज शर्मा, राकेश मंगल, प्रमोद बोहरा और रवि गुप्ता सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने माता रानी के जयकारे लगाए। इसके बाद भजन-कीर्तन का दौर चला, जिसमें भक्त माता के भजनों पर झूमते नजर आए।
सजीव झांकियों में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का चित्रण
महोत्सव के तहत बुधवार रात 7:30 बजे से आकर्षक सजीव झांकियों का प्रदर्शन किया गया। इनमें भगवान विष्णु को क्षीरसागर में शेषनाग की शय्या पर माता लक्ष्मी के साथ विराजमान दिखाया गया। वहीं, कमल के फूल पर विराजमान ब्रह्मा जी और महर्षि नारद मुनि द्वारा स्तुति का सजीव चित्रण भी प्रस्तुत किया गया।
भव्य और अलौकिक झांकियों को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। धार्मिक प्रसंगों पर आधारित इन प्रस्तुतियों ने पंडाल में भक्तिमय वातावरण बना दिया।
माता को हलवा-चना और मालपुए का भोग
चतुर्थ नवरात्रा पर नवदुर्गा को मालपुए का भोग प्रमोद बोहरा तथा हलवा-चना का भोग वेद प्रकाश मंगल की ओर से अर्पित किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसादी वितरित की गई।
भक्तों ने माता का प्रसाद ग्रहण कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। नौ दिवसीय महोत्सव के दौरान प्रतिदिन पूजा-अर्चना, महाआरती और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
पंचम नवरात्रा पर मां स्कंदमाता की पूजा
पंडित दीपक कृष्ण शास्त्री ने बताया कि नवरात्रा के दौरान नवदुर्गा पूजन के साथ सप्तशती एवं शतचंडी पाठ और अनुष्ठान किए जा रहे हैं। शाम को महाआरती के बाद सजीव झांकियों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि गुरुवार को पंचम नवरात्रा के अवसर पर मां स्कंदमाता की विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ सामूहिक पूजा कराई गई। मां स्कंदमाता को भगवान कार्तिकेय की माता के रूप में पूजा जाता है। उनका यह स्वरूप मातृत्व, ममता, वात्सल्य, संरक्षण, ज्ञान और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार मां स्कंदमाता सिंह पर सवार होकर अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। नवरात्रा महोत्सव में श्रद्धालु प्रतिदिन माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें:

Gangapur City, Rajasthan
Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:
सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।