बस की टक्कर से घायल बुजुर्ग को चालक-परिचालक ने अपनी बस से अस्पताल पहुंचाया, शंकरगढ़ पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए जाना हाल
प्रयागराज। शिवराजपुर में बुधवार शाम हुए सड़क हादसे ने इंसानियत की एक मिसाल पेश की। अक्सर सड़क दुर्घटनाओं के बाद वाहन चालकों के मौके से भाग जाने की खबरें सामने आती हैं, लेकिन यहां रोडवेज बस के चालक और परिचालक ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने बस की टक्कर से घायल हुए बुजुर्ग को अपनी ही बस से अस्पताल पहुंचाकर उपचार शुरू कराया। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही शंकरगढ़ पुलिस भी तत्काल अस्पताल पहुंच गई और घायल का हालचाल जाना।
सड़क पार करते समय रोडवेज बस की चपेट में आए बुजुर्ग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवराजपुर स्थित ढाबे के पास बुधवार शाम रामगरीब पुत्र रामधनी, उम्र लगभग 58 वर्ष, निवासी शिवराजपुर सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान वह अचानक रोडवेज बस के सामने आ गए। चालक जब तक ब्रेक लगाकर बस रोक पाता, तब तक बस की जोरदार टक्कर से बुजुर्ग सड़क पर गिरकर घायल हो गए।
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए।
चालक-परिचालक की मानवता बनी चर्चा का विषय
आमतौर पर सड़क हादसों के बाद कई बार वाहन चालकों के मौके से भाग जाने की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन शिवराजपुर में मामला बिल्कुल अलग रहा। रोडवेज बस के चालक और परिचालक ने एक पल भी गंवाए बिना घायल रामगरीब को उठाया और अपनी ही बस से सीधे शिवराजपुर स्थित सद्गुरु हॉस्पिटल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में घायल बुजुर्ग को तत्काल भर्ती कराया गया और उनका उपचार शुरू किया गया। चालक और परिचालक की इस संवेदनशीलता तथा मानवीय जिम्मेदारी को देखकर वहां मौजूद लोगों ने उनकी सराहना की।
इस दौरान चालक ने कहा, “हमारी बस से चोट लगी है, तो इलाज कराना भी हमारा ही फर्ज है। जान बचाना सबसे पहले प्राथमिकता है।”
शंकरगढ़ पुलिस ने दिखाई तत्परता
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी शंकरगढ़ प्रीतम कुमार तिवारी हमराहियों के साथ तुरंत सद्गुरु हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने घायल का हालचाल जाना और डॉक्टरों से उपचार के संबंध में जानकारी ली। साथ ही घायल के परिजनों को ढांढस बंधाया।
पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी जुटाते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। इसी बीच सूचना मिलने पर घायल रामगरीब के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। फिलहाल घायल का अस्पताल में इलाज जारी है।
लोगों ने चालक-परिचालक और पुलिस की सराहना की
मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि चालक और परिचालक ने हादसे के बाद भागने के बजाय इंसानियत दिखाई और घायल को अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाई। वहीं, शंकरगढ़ पुलिस ने भी बिना देरी किए अस्पताल पहुंचकर संवेदनशीलता का परिचय दिया।
लोगों ने कहा कि यदि हर सड़क हादसे में इसी तरह घायल की मदद के लिए लोग आगे आएं, तो सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कई मौतों को रोका जा सकता है।
आवाज आपकी न्यूज़ की अपील
सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाना इंसानियत का फर्ज है। सुप्रीम कोर्ट के गुड सेमेरिटन यानी नेक व्यक्ति संबंधी दिशा-निर्देशों के तहत सड़क दुर्घटना में घायल की मदद करने वाले लोगों को अनावश्यक कानूनी परेशानी से सुरक्षा प्रदान की गई है।
इसलिए सड़क हादसा देखकर भागें नहीं, बल्कि घायल की मदद के लिए आगे आएं। किसी की जान बचाना सबसे बड़ा मानवीय कार्य है। शिवराजपुर की यह घटना भी यही संदेश देती है कि मुश्किल समय में दिखाई गई थोड़ी-सी संवेदनशीलता किसी की जिंदगी बचा सकती है।
यह भी पढ़ें:

Prayagraj, Ouuta Pradesh
Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:
सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।