खंखला में विकसित होगा जिंक आधारित औद्योगिक पार्क, विनिर्माण और इंजीनियरिंग इकाइयों को मिलेगा अवसर, 5 करोड़ रुपए से निवेश की योजना
भीलवाड़ा। भीलवाड़ा जिले के खंखला क्षेत्र में प्रस्तावित जिंक इंडस्ट्रियल पार्क को औद्योगिक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने जयपुर में आयोजित जिंक एल्यूमिनियम कॉन्फ्लुएंस 2026 के दौरान 11 कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए हैं। इन कंपनियों ने पार्क में विनिर्माण, इंजीनियरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य संबंधित क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने में रुचि दिखाई है।
इन समझौतों से खंखला क्षेत्र में जिंक आधारित उद्योगों के विकास की संभावनाओं को बल मिला है। प्रस्तावित पार्क में कंपनियों को औद्योगिक इकोसिस्टम और जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में हिंदुस्तान जिंक काम करेगा। इससे स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
11 कंपनियों ने औद्योगिक इकाइयां लगाने में दिखाई रुचि
जिंक एल्यूमिनियम कॉन्फ्लुएंस 2026 के दौरान जिन कंपनियों के साथ एमओयू किए गए, उनमें जेनोवेल कॉमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड, एपरॉक माइनिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, साई दीपिका रॉक ड्रिल्स प्राइवेट लिमिटेड, श्री नाकोड़ा इंफ्रास्टील प्राइवेट लिमिटेड, सूर्यकिरण अर्थमूवर्स प्राइवेट लिमिटेड, जे.जी. केमिकल्स लिमिटेड, ईपीसीएम सर्विस एंड सप्लाई प्राइवेट लिमिटेड, जस्ता अलॉयज प्राइवेट लिमिटेड, जम्मू पिगमेंट्स और एम्पेक्स एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड सहित कंपनियां शामिल हैं।
इन कंपनियों की ओर से विनिर्माण, इंजीनियरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और जिंक से जुड़े अन्य क्षेत्रों में इकाइयां स्थापित करने में रुचि जताई गई है। हिंदुस्तान जिंक प्रस्तावित इकाइयों को आवश्यक औद्योगिक इकोसिस्टम और सहयोग उपलब्ध कराएगा।
इससे पहले त्रिपुरा ग्रुप, सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज, ग्रुप निर्मल और सल्फोजाइम एग्रो इंडिया जैसी कंपनियों के साथ भी एमओयू किए जा चुके हैं। नए समझौतों के बाद जिंक इंडस्ट्रियल पार्क के प्रति उद्योग जगत की भागीदारी और रुचि बढ़ती दिखाई दे रही है।
एमएसएमई और घरेलू विनिर्माण को मिलेगा प्रोत्साहन
हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक अमरेन्दु प्रकाश ने कहा कि जिंक पार्क भारत में जिंक आधारित उद्योगों के लिए वैश्विक स्तर का औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की दीर्घकालिक सोच का हिस्सा है। उद्योग भागीदारों की बढ़ती भागीदारी इस पहल को मजबूती दे रही है।
उन्होंने कहा कि कंपनी मजबूत सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा और आवश्यक सुविधाओं के माध्यम से एमएसएमई के विकास, स्थानीय रोजगार सृजन और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना चाहती है। इस पहल का उद्देश्य जिंक आधारित उद्योगों के लिए ऐसा औद्योगिक वातावरण तैयार करना है, जहां उद्यमियों और कंपनियों को उत्पादन से जुड़ी जरूरी सुविधाएं मिल सकें।
दिसंबर 2024 में हुई थी जिंक पार्क की घोषणा
जिंक इंडस्ट्रियल पार्क की घोषणा दिसंबर 2024 में आयोजित राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने की थी।
राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) के सहयोग से विकसित होने वाली इस परियोजना में औद्योगिक भूमि, हिंदुस्तान जिंक की धातु उत्पादन क्षमता तक पहुंच, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) सुविधाएं तथा नई जिंक मिश्रधातुओं और उत्पादों के विकास की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।
यह पार्क विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और नए उद्यमियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। परियोजना के तहत 5 करोड़ रुपए से निवेश के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के उद्योग भी जिंक आधारित विनिर्माण क्षेत्र में अपनी इकाइयां स्थापित कर सकेंगे।
हिंदुस्तान जिंक की इकाइयों के नजदीक होने का मिलेगा लाभ
खंखला क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी इस औद्योगिक पार्क के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चंदेरिया, दरिबा और देबारी स्थित हिंदुस्तान जिंक की इकाइयों के नजदीक होने से यहां जिंक आधारित उद्योगों को कच्चे माल की उपलब्धता और औद्योगिक सहयोग से जुड़े अवसर मिल सकते हैं।
पार्क में गैल्वनाइजिंग, डाई-कास्टिंग, जिंक ऑक्साइड, जिंक मिश्रधातु, वायर निर्माण और अन्य उन्नत जिंक अनुप्रयोगों से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित करने की उम्मीद है। इससे जिंक धातु के उपयोग पर आधारित विभिन्न विनिर्माण गतिविधियों को एक ही औद्योगिक क्षेत्र में विकसित करने का अवसर मिलेगा।
भीलवाड़ा सहित राजस्थान के औद्योगिक विकास को मिलेगी गति
जिंक इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से भीलवाड़ा जिले में नए औद्योगिक निवेश और विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। रीको के सहयोग से आधारभूत सुविधाओं के विकास और हिंदुस्तान जिंक की धातु उपलब्धता के साथ स्थानीय उद्यमियों को नए अवसर मिल सकते हैं।
11 कंपनियों के साथ हुए नए एमओयू इस परियोजना के प्रति उद्योग जगत की रुचि को दर्शाते हैं। आने वाले समय में प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से स्थानीय रोजगार, एमएसएमई क्षेत्र और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलने की उम्मीद है।
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Bhilwara, Rajasthan
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