हिन्दुस्तान जिंक की 6 इकाइयों को मिला शिक्षा विभूषण सम्मान


भामाशाह सम्मान समारोह में शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए हिन्दुस्तान जिंक की छह इकाइयों को शिक्षा विभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया।

भीलवाड़ा। पंकज पोरवाल। हिन्दुस्तान जिंक शिक्षा विभूषण सम्मान के तहत विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक तथा शीर्ष चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड की छह इकाइयों को 30वें भामाशाह सम्मान समारोह में शिक्षा विभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान रामपुरा आगुचा माइन, चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर, जावर माइन्स, राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स, जिंक स्मेल्टर देबारी एवं कायड माइन को प्रदान किया गया।

#### लगातार 11वें वर्ष मिला प्रतिष्ठित सम्मान

यह लगातार 11वां वर्ष है, जब राजस्थान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तनकारी पहलों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हिन्दुस्तान जिंक को सम्मानित किया है।

पुरस्कार समारोह जयपुर स्थित बिड़ला ऑडिटोरियम सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा मुख्य अतिथि रहे। समारोह में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर तथा अतिरिक्त शिक्षा सचिव राजेश यादव ने राज्यभर से चयनित 145 भामाशाहों और 99 प्रेरकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर मिड-डे मील आयुक्त विश्व मोहन शर्मा, समसा की राज्य परियोजना निदेशक डॉ. रश्मि शर्मा, शिक्षा निदेशक सीताराम जाट तथा संयुक्त निदेशक महेन्द्र खींची भी उपस्थित रहे।

#### हिन्दुस्तान जिंक की इकाइयों ने किया सम्मान ग्रहण

हिन्दुस्तान जिंक की ओर से रामपुरा आगुचा माइन के आईबीयू सीईओ राममुरारी, चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर की पर्यावरण प्रमुख मनीषा भाटी, हेड एचआर ममता शर्मा, देबारी जिंक स्मेल्टर के एसबीयू निदेशक विवेक यादव, हेड सीएसआर रूचिका चावला, दरीबा स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स के हेड सीएसआर अभय गौतम, जावर माइन्स के वित्त प्रमुख अमित मालानी, कायड माइंस के हेड राजेश चौधरी तथा सीएसआर टीम ने यह सम्मान प्राप्त किया।

#### शिक्षा के क्षेत्र में 551 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश

हिन्दुस्तान जिंक ने वर्ष 2017 से अब तक शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रमों के तहत 551 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। इनमें 83 करोड़ रुपये विद्यालयों के बुनियादी ढांचे के विकास, जैसे कक्षा-कक्ष निर्माण, शौचालय, खेल मैदान, पेयजल सुविधाएं और विद्युतीकरण पर खर्च किए गए हैं, जबकि 468 करोड़ रुपये दीर्घकालिक शैक्षिक कार्यक्रमों पर निवेश किए गए हैं।

इन कार्यक्रमों में नंद घर के माध्यम से आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र, शिक्षा संबल, ग्रामीण विद्यार्थियों एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा जीवन तरंग, उच्च शिक्षा के लिए ऊंची उड़ान, ग्रामीण बालिकाओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने तथा कंपनी संचालित विद्यालयों को सहयोग जैसी पहलें शामिल हैं।

#### हर वर्ष दो लाख से अधिक बच्चों को मिल रहा लाभ

हिन्दुस्तान जिंक के शिक्षा कार्यक्रमों से प्रतिवर्ष दो लाख से अधिक ग्रामीण एवं आदिवासी बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। इन पहलों का प्रभाव विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने, विशेष रूप से किशोर बालिकाओं की शिक्षा से निरंतर जुड़ाव सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में सीखने के स्तर को बेहतर बनाने में दिखाई दिया है।

कंपनी के अनुसार राज्य में वर्ष 2007 में कक्षा 10वीं का उत्तीर्ण प्रतिशत 47 प्रतिशत था, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 92.53 प्रतिशत हो गया है। इस दौरान बालिकाओं का प्रदर्शन लगातार बालकों से बेहतर रहा है। वहीं, पिछले 10 वर्षों में जहां राजस्थान का औसत परीक्षा परिणाम लगभग 67.66 प्रतिशत रहा, वहीं शिक्षा संबल कार्यक्रम से जुड़े 37 विद्यालयों ने 100 प्रतिशत परिणाम प्राप्त किया है।

#### अगले पांच वर्षों में 36 करोड़ रुपये का होगा निवेश

ग्रामीण राजस्थान में वंचित बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से हिन्दुस्तान जिंक ने राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत अगले पांच वर्षों में प्रदेश में शैक्षिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 36 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

#### शिक्षा के साथ सामाजिक विकास पर भी विशेष फोकस

हिन्दुस्तान जिंक शिक्षा के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं एवं किसानों के सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सेवाओं, जल संरक्षण, स्वच्छता, आधारभूत ढांचे के विकास तथा स्थायी आजीविका से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम भी संचालित कर रही है।

कंपनी के अनुसार इन पहलों का सकारात्मक प्रभाव राज्य के 4 हजार से अधिक गांवों में रहने वाले 26 लाख से अधिक लोगों के जीवन पर पड़ा है।

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