डीग 19 फरवरी |श्री मान मंदिर सेवा संस्थान एवं आदि बद्री धाम के संयुक्त तत्वाधान में १६ फरवरी से प्रारम्भ हुई 14 कोसीय दिव्य पर्वत परिक्रमा बुधवार को केदार नाथ धाम से चल कर विलोंद,बरौली ,खूँटपुरी पसोपा ,अलीपुर होते हुए आदि बद्री धाम पहुंच कर संपन्न हुई।
इस दौरान यात्रा के अंतिम दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने परिक्रमा में भाग लिया।जहां संकीर्तन की सु मधुर ध्वनियों पर थिरकती ब्रज देवियां व ब्रज बालाओ ने दर्शकों के आनन्द का केंद्र विंदु बनी रही थी। हर कोई उस भक्ति रस में निमग्न था बरौली धाऊ हो अथवा पसोपा या अलीपुर सभी जगह के ब्रजवासी यात्रियों के आतिथ्य में अपने को भाग्यशाली मान रहे थे।
यही कारण है कि परब्रह्म परमात्मा इनका दास बन गया ।परिक्रमा से लौटकर सभी ने भगवान आदि बद्री नाथ के दर्शन किए ।
इस अवसर पर श्री मान मंदिर सेवा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष राधा कान्त शास्त्री ने कहा कि यह परिक्रमा मात्र दर्शनीय कार्यक्रम ही नहीं अपितु ब्रज की गरिमा महिमा की दिग्दर्शिका के साथ ब्रज के पर्यावरण की पोषिका भी है ।
उन्होंने कहा कि जो लोग चोरी छुपे अभी भी ब्रज के दिव्य पर्वतों के विनाश में लगे हैं वे याद रखें कि इनकी रक्षा के लिए बलिदान हुए बाबा विजय दास तुम्हें कभी माफ नहीं करेंगे ।
उनका श्राप तुम्हें धूल में मिला देगा। इस अवसर पर बाबा शिवराम दास, हरिबोल दास ,भूरा बाबा ,सुनील सिंह ,राधा कांत शास्त्री आदि ब्रज पर्वत सरंक्षण समिति के पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि हम किसी भी कीमत पर आदि बद्री के दिव्य पर्वतों का नाश नहीं होने देंगे।
इस मौके पर यात्रा में नंदो सरपंच, बलराम, सुल्तान सरपंच ,शिब्बों सूबेदार ,जगदीश ,हरि सिंह, गुल्ले, देवीराम ,गंगाराम ,हरि भगत ,बलराम मौजूद थे।