जयपुर 9 जनवरी। राजस्थान की संस्कृति और जनजीवन में ऊँट अभिन्न हिस्सा है। जब थार की सुनहरी रेत पर सजे-धजे ऊँटों की कतारें कदमताल करती हैं और लोक संगीत की थाप हवाओं में गूंज उठती है, तब बीकानेर एक जीवंत उत्सव में बदल जाता है। ‘रेगिस्तान के जहाज़’ कहे जाने वाले ऊँटों को समर्पित बीकानेर ऊँट महोत्सव न केवल राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करता है बल्कि परंपरा, कला और रोमांच का अद्भुत संगम भी प्रस्तुत करता है। यह तीन दिवसीय उत्सव देश विदेश से आने वाले पर्यटकों को राजस्थान की आत्मा से जोड़ने का अवसर देता है।
राजस्थान सरकार की सहायक जनसम्पर्क अधिकारी अंजलिका पंवार ने बताया कि बीकानेर ऊँट महोत्सव ‘रेगिस्तान के जहाज़’ कहे जाने वाले ऊँटों को समर्पित एक वार्षिक उत्सव है, जो राजस्थान की सतह से जुड़ी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है।
उन्होने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित यह महोत्सव वर्ष 2026 में 9 जनवरी से 11 जनवरी तक बीकानेर, राजस्थान में आयोजित हो रहा है। महोत्सव की शुरुआत ऐतिहासिक जूनागढ़ किले से निकलने वाली सजे-धजे ऊँटों की भव्य शोभायात्रा से होगी, जो बीकानेर की मुख्य सड़कों से गुजरते हुए डॉ. कर्णी सिंह स्टेडियम में संपन्न होगी, जहाँ पारंपरिक आभूषणों और रंगीन वस्त्रों से सजे ऊँट तथा रंग-बिरंगे परिधानों में सजे उनके ऊँटपालक आकर्षण का केंद्र रहेंगे। महोत्सव के दौरान ऊँट दौड़, ऊँट नृत्य प्रदर्शन, ऊँट सजावट एवं फर कटिंग प्रतियोगिता, ऊँट दुहाई (दूध निकालने की पारंपरिक विधि) तथा ऊँट करतब जैसी गतिविधियाँ ऊँटों के सांस्कृतिक महत्व को उजागर करेंगी। इसके साथ ही, पारंपरिक राजस्थानी लोक नृत्य एवं संगीत प्रस्तुतियाँ होंगी, हस्तशिल्प बाजार में स्थानीय उत्पाद उपलब्ध होंगे और फूड कोर्ट में प्रामाणिक राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद लिया जा सकेगा। उन्होने बताया कि महोत्सव के प्रमुख आयोजन स्थल जूनागढ़ किला, कर्णी सिंह स्टेडियम, कैमल फार्म, रायसर सैंड ड्यून्स तथा बीकानेर का पुराना शहर हैं। सभी कार्यक्रम प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक आयोजित होंगे और प्रवेश सभी के लिए निःशुल्क रहेगा।
उन्होने बताया कि आगंतुकों की सुविधा हेतु निकटतम हवाई अड्डा नाल है, जो बीकानेर से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित है, जबकि बीकानेर रेलवे स्टेशन शहर के केंद्र से मात्र 1 किलोमीटर की दूरी पर है। अधिक जानकारी के लिए पर्यटक टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर, बीकानेर से फोन नंबर 0151-2226701 पर या ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
यह महोत्सव राजस्थान की सांस्कृतिक समृद्धि और ऊँटों की ऐतिहासिक भूमिका को करीब से अनुभव करने का अनूठा अवसर प्रदान करता है।
2014 से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं। 2015 से 2021 तक गंगापुर सिटी पोर्टल (G News Portal) का बतौर एडिटर सञ्चालन किया। 2017 से 2020 तक उन्होंने दैनिक समाचार पत्र राजस्थान खोज खबर में काम किया। 2021 से 2022 तक दैनिक भास्कर डिजिटल न्यूज और साधना न्यूज़ में। 2021 से अब तक वे आवाज आपकी न्यूज पोर्टल और गंगापुर हलचल (साप्ताहिक समाचार पत्र) में संपादक और पत्रकार हैं। साथ ही स्वतंत्र पत्रकार हैं।