महावीर जयंती पर पूरे राजस्थान में हिंसा केंद्र बंद रखने की मांग


बड़ोदिया, बांसवाड़ा।अरुण जोशी। महावीर जन्म कल्याणक के अवसर पर पूरे राजस्थान में अहिंसा का पालन सुनिश्चित करने की मांग को लेकर हुम्मड़ जैन समाज ने स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक को ज्ञापन भेजा है। समाज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष केसरीमल खोड़णिया ने जयपुर स्थित विभाग को भेजे गए निवेदन में कहा है कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक मनाया पर बुचड़ खाने बंद किए जाएं। ज्ञापन में बताया गया कि भगवान महावीर का मूल संदेश “जियो और जीने दो” तथा “अहिंसा परमो धर्म” है। इस सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए जैन समाज की भावना है कि महावीर जयंती के दिन पूरे राजस्थान में किसी भी प्रकार की हिंसा न हो। इसके लिए राज्य के सभी जिलों में हिंसा से जुड़े केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए जाएं। समाज की ओर से अनुरोध किया गया है कि स्वायत्त शासन विभाग के माध्यम से राज्य के सभी जिलाधीश, नगरपालिकाएं, महापौर, तहसीलदार, उपखंड अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए जाएं, ताकि उस दिन किसी भी प्रकार का वध या हिंसात्मक गतिविधि न हो सके। इससे जैन समाज की धार्मिक भावनाओं का सम्मान भी बना रहेगा। ज्ञापन में कहा गया कि महावीर जयंती जैन धर्म का प्रमुख पर्व है, जिस दिन भगवान महावीर के बताए अहिंसा, करुणा और जीव दया के संदेश को समाज में प्रसारित किया जाता है। इसलिए इस दिन पूरे प्रदेश में का वातावरण बनाए रखना आवश्यक है। हुम्मड़ जैन समाज बांसवाड़ा-डूंगरपुर की ओर से वरिष्ठ उपाध्यक्ष केसरीमल खोड़णिया ने सरकार से आग्रह किया है कि जैन समाज की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए जाएं ।


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