आईईसी में पहली रैंक के बाद अब मोहित को आईएएस में 281वीं रैंक
हिमांशु जैन ने 482 वीं रैंक की हासिल
नदबई। शैक्षणिक क्षेत्र में मिनी कोटा के नाम से मशहूर नदबई कस्बे ने एक बार फिर शैक्षणिक क्षेत्र में वर्चस्व बनाए रखा। जब, कस्बा निवासी मोहित अग्रवाल पुत्र देवेन्द्र गोयल ने पहले आईईएस परीक्षा परिणाम में ऑल इण्डिया पहली रैंक हासिल करने के बाद अब, आईएएस 2025 के परीक्षा परिणाम में ऑल इण्डिय़ा में 281वीं रैंक हासिल करते हुए नदबई का नाम रोशन किया। वर्तमान में मोहित अग्रवाल आईईएस परीक्षा परिणाम में ऑल इण्डिय़ा की पहली रैंक हासिल करने के बाद भारतीय आर्थिक सेवा में प्रशिक्षण ले रहे। इससे पहले आरटीएस में चयन होने के बाद उच्चैन नायब तहसीलदार के पद पर ड्यूटी कर चुके। बाद में अपने पिता देवेन्द्र गोयल, माता मंजू गोयल व दादा प्रहलाद गुप्ता प्रेरणा लेते हुए आईएएस परीक्षा दी। परीक्षा परिणाम में 281वीं रैंक हासिल की।
नौकरी छोड़ कर चौथे प्रयास में मिली सफलता
आईएएस परीक्षा परिणाम में कस्बा निवासी हिमांशु जैन पुत्र विमल जैन ने 482वीं रैंक हासिल करते हुए नदबई क्षेत्र का नाम रोशन किया। हिमांशु जैन ने आईआईटी कानपुर से ग्रेजूएशन करने के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व मशीन लर्निंग क्षेत्र में नौकरी की। करीब दो साल तक नौकरी करने के बाद हिमांशु जैन ने अपने पिता विमल जैन, माता मुन्नीदेवी व ऑयल इण्डिय़ा तेल कम्पनी में चीफ इंजीनियर पद पर कार्यरत अपने भाई दीपक जैन से प्रेरणा लेते हुए आईएएस की परीक्षा दी। तीन बार सफलता नही मिलने के बावजूद हताश होने के स्थान पर हिमांशु ने लगातार लक्ष्य प्राप्ति को लेकर मेहनत की। बाद में चौथे प्रयास में हिमांशु जैन ने ऑल इण्डिया में 482वीं रैंक हासिल करते हुए अपने परिजन व नदबई का नाम रोशन किया।