राष्ट्र सेविका समिति भीलवाड़ा महानगर ने “स्व-बोध” के संकल्प के साथ मनाया नववर्ष उत्सव


संस्कार, संगठन और स्वाभिमान के संदेश के साथ सेविकाओं ने लिया आत्मचिंतन और राष्ट्र सेवा का संकल्प

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। राष्ट्र सेविका समिति भीलवाड़ा महानगर द्वारा आदर्श विद्या मंदिर शास्त्री नगर में नववर्ष उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “स्व-बोध” रहा, जिसके माध्यम से सेविकाओं को अपने व्यक्तित्व, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर सेविकाओं ने नववर्ष के साथ नए संकल्प लिए, जिसमें समाज सेवा, संस्कार निर्माण और राष्ट्र के प्रति समर्पण को प्राथमिकता देने की बात कही गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वंदना से हुआ। इसके पश्चात विभिन्न बौद्धिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति और राष्ट्र सेवा के महत्व को उजागर किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कोहिनूर सेवा समिति की जिलाध्यक्ष व सेवानिवृत्त अध्यापिका सुशीला स्वर्णकार थी। स्वर्णकार ने अपने उद्बोधन में सभी मातृशक्ति से राष्ट्रप्रेम की भावना से कार्य करने और युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता चित्तौड़ प्रांत बौद्धिक प्रमुख सुशीला पारीक ने भारतीय काल गणना की वैज्ञानिकता और प्रामाणिकता को बताते हुए कहा कि भारतीय काल गणना सबसे प्राचीन, सटीक और प्रामाणिक है। हमें हमारे प्राचीन ज्ञान विज्ञान का गौरव हमारी युवा पीढ़ी में स्थानांतरित करना होगा। संघ शताब्दी वर्ष के पंच परिवर्तन के बारे में बताते हुए कहा कि सभी मातृशक्ति को अपने घर परिवार से आरंभ करके संपूर्ण समाज व राष्ट्र में नव चेतना जागृत करनी है। अंत में सभी सेविकाओं ने स्वबोध व स्व संस्कृति को अपनाने के संकल्प के साथ एक दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दी।


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