सूरौठ। कस्बा सूरौठ के भोपरिया पुरा निवासी और दिल्ली विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. हरिमोहन मीणा पुत्र तोता राम मीणा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। इटली की राजधानी रोम में आयोजित वैश्विक सम्मेलन में डॉ. हरिमोहन मीणा को रसायन शास्त्र के क्षेत्र में किए गए विशिष्ट शोध कार्य के लिए प्रशंसा पत्र एवं पुरस्कार सामग्री भेंट कर पुरष्कृत किया गया है। वैश्विक सम्मेलन में 120 देशों के वैज्ञानिकों ने भाग लिया।
डॉ. मीणा ने रोम शहर में आयोजित एडवांस्ड मैटेरियल्स साइंस वर्ल्ड कांफ्रेंस में अपशिष्ट जल से आर्सेनिक भारी धातुओं व हानिकारक तत्वों को हटाने के लिए ‘ग्राफीन ऑक्साइड गोए थाइट चिटोसन कम्पोजिट’ के उपयोग पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया, जो कि एक नवाचार शोध है। यह तीन अलग-अलग शक्तिशाली पदार्थों की ताकतों को मिलाकर बनाया गया है। डॉ मीना के नवाचार को दुनिया भर के 120 देशों से आए वैज्ञानिकों ने सराहा। यह तकनीक कम लागत में शुद्ध जल उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी गई। इस शोध कार्य के लिए डॉ मीना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। इस शोध पर डॉ. मीना के लगभग 15 रिसर्च पेपर अंतरराष्ट्रीय स्तर के उच्च प्रभाव वाले जर्नल में प्रकाशित हो चुके है। डॉ मीना अभी भी इस पर काम कर रहे है जो भविष्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। डॉ. मीना अभी दिल्ली यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफ़ेसर के पद पर कार्यरत है।
डॉ. मीणा की इस वैश्विक सफलता की खबर मिलते ही उनके पैतृक कस्बे सूरौठ सहित पूरे करौली जिले में हर्ष की लहर है। स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्धजनों ने इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है। डॉ. मीणा लंबे समय से शिक्षा और शोध के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय में देश के सबसे प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।