अन्याय जब कानून बने तो संघर्ष ही कर्तव्य है: भाकियू प्रयाग अध्यक्ष के0 के0 मिश्रा

किसानों की जमीन और सरकारी संसाधनों पर दलाल तंत्र का कब्जा बर्दाश्त नहीं; साक्ष्यों के साथ जिलाधिकारी से होगी बड़ी शिकायत

प्रयागराज (राजदेव द्विवेदी)। “जो जमीन अन्न उगाती है, उस पर माफियाओं का नहीं, बल्कि किसानों का अधिकार होना चाहिए।” यह शब्द भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) प्रयाग के प्रदेश अध्यक्ष के0 के0 मिश्रा के हैं, जिन्होंने प्रयागराज के यमुनानगर क्षेत्र में पनप रहे भू-माफियाओं और दलाल तंत्र के गठजोड़ के खिलाफ हुंकार भरी है। एक विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि देश आज एक अत्यंत गंभीर दौर से गुजर रहा है, जहाँ किसान और मजदूर लगातार शोषण का शिकार हो रहे हैं।

प्रभावशाली प्रतीकों की आड़ में अवैध खेल

के के मिश्रा ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि समाज के जागरूक कहे जाने वाले कुछ लोग—जिनमें तथाकथित पत्रकार, अधिवक्ता, इंजीनियर और अधिकारी शामिल हैं—दलाल तंत्र के साथ मिलकर सरकारी और किसानों की जमीनों को हड़पने में लगे हुए हैं। उन्होंने जिले के यमुनानगर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि यहाँ खुलेआम ऐसी गाड़ियां घूम रही हैं जिन पर “हाईकोर्ट”, “प्रेस” और अन्य प्रभावशाली पद लिखे होते हैं। लेकिन असल में इन प्रतीकों की आड़ में अवैध प्लाटिंग, मृत व्यक्तियों की जमीनों के फर्जी बैनामे और तालाबों पर अवैध कब्जे जैसे कृत्य किए जा रहे हैं।

पर्यावरण और भविष्य पर खतरा

मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा, “तालाब बचेंगे तो आने वाली पीढ़ियाँ बचेंगी, जंगल बचेंगे तो जीवन बचेगा और किसान बचेगा तो देश बचेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के कारण भू-माफिया बिना किसी वैध लाइसेंस के बड़े पैमाने पर प्लाटिंग कर रहे हैं। जंगल और टंडन वन की जमीनों पर अतिक्रमण किया जा रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण खतरे में है बल्कि किसानों का सम्मान और उनकी आजीविका भी छीनी जा रही है।

अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी

सोशल मीडिया पर संगठन के खिलाफ चलाए जा रहे भ्रामक वीडियो और झूठे आरोपों पर भी अध्यक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि डरकर बैठने वालों का इतिहास नहीं लिखा जाता। संगठन की छवि खराब करने की कोशिश करने वालों को लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से बेनकाब किया जाएगा। यदि किसी को आपत्ति है, तो वह संवैधानिक माध्यमों का उपयोग करे, न कि झूठ और भ्रम फैलाए।

प्रमाणों के साथ होगी सख्त कार्रवाई

भारतीय किसान यूनियन प्रयाग की टीम वर्तमान में ऐसे सभी मामलों के ठोस साक्ष्य एकत्र कर रही है। इनमें सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा, जलस्रोतों को पाटना, और किसानों की जमीनों के फर्जी बैनामे शामिल हैं। के0 के0 मिश्रा ने घोषणा की कि बहुत जल्द जिलाधिकारी प्रयागराज और संबंधित उच्चाधिकारियों के साथ एक विस्तृत बैठक की जाएगी। इस बैठक में सभी प्रमाण प्रस्तुत कर दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की जाएगी।

संघर्ष ही एकमात्र रास्ता

उन्होंने अंत में किसानों, मजदूरों और जागरूक नागरिकों का आह्वान करते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल जमीन की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाकियू प्रयाग का प्रत्येक साथी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए पूरी तरह शांतिपूर्ण और वैधानिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगा। “करो संघर्ष, तो बदलेगा दौर; झुकोगे अगर, तो बढ़ेगा शोषण और जोर।”

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