डीग: विधिक जागरूकता शिविर में बच्चों को दी बाल विवाह निषेध और पॉक्सो कानून की जानकारी

एम जे एफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कानूनी जागरूकता अभियान; बालिकाओं की सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर

डीग, 16 मई।अमरदीप सेन। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश हेमराज गौड़) के तत्वाधान में चलाए जा रहे सघन विधिक जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर शहर के सहारई रोड स्थित एम जे एफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल में संस्था व्यवस्थापक लक्ष्मण प्रसाद सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ।

बाल विवाह के दुष्परिणामों और सजा पर हुई चर्चा

शिविर में मुख्य वक्ता और विधिक जागरूकता टीम के इंचार्ज आनन्द प्रकाश पटेल (एडवोकेट) ने छात्र-छात्राओं और विद्यालय स्टाफ को संबोधित किया। उन्होंने ‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम’ की विस्तृत जानकारी देते हुए बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसके लिए कड़े दंड के प्रावधान हैं। इसके साथ ही बालकों के बेहतर स्वास्थ्य, उत्तम शिक्षा और स्वरोजगार के अवसरों पर भी चर्चा की गई।

महिला सशक्तिकरण और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की जानकारी

आनन्द प्रकाश पटेल ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ‘लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम’ (पॉक्सो एक्ट) के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों को अपने प्रति होने वाले अपराधों को पहचानने और उनसे बचाव व सुरक्षा के उपाय सिखाए। महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम की बारीकियों को समझाया, ताकि महिलाओं के लिए काम का माहौल सुरक्षित और सम्मानजनक बना रहे।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) के नए प्रावधान

शिविर में उपस्थित स्टाफ और बच्चों को नए कानूनों से अवगत कराते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत महिलाओं के प्रति लैंगिक अपराध की रोकथाम के लिए किए गए कड़े प्रावधानों की जानकारी दी गई।

इस गरिमामयी अवसर पर एडवोकेट नौरंगखान, विकास चपराना, बहादुर सिंह सहित विद्यालय का समस्त शैक्षणिक स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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