प्रयागराज में 16 से 22 जुलाई तक भूजल सप्ताह, डीएम ने जल संरक्षण अभियान के दिए निर्देश


भूजल सप्ताह के दौरान ग्राम पंचायत से जिला स्तर तक होंगे कार्यक्रम, जनजागरूकता और वर्षा जल संचयन पर रहेगा विशेष जोर।

प्रयागराज| प्रयागराज में 16 से 22 जुलाई तक आयोजित होने वाले भूजल सप्ताह की तैयारियों को लेकर गुरुवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में संगम सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी ढंग से अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूजल संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

इस वर्ष भूजल सप्ताह की थीम “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” निर्धारित की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति आमजन को जागरूक करना और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना है।

ग्राम पंचायत से जिला स्तर तक होंगे कार्यक्रम

बैठक में बताया गया कि 16 एवं 17 जुलाई को ग्राम पंचायत स्तर, 18 एवं 19 जुलाई को विकास खंड एवं क्षेत्र पंचायत स्तर, 20 एवं 21 जुलाई को नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत स्तर, जबकि 22 जुलाई को जनपद, जिला पंचायत, नगर विकास एवं विकास प्राधिकरण स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

भूजल सप्ताह के सफल आयोजन के लिए मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग और जल संचयन पर रहेगा विशेष फोकस

जिलाधिकारी ने तालाबों और चेकडैमों के जीर्णोद्धार, उनकी साफ-सफाई, तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य रूप से बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों, पंचायत भवनों, निजी विद्यालयों और अन्य सार्वजनिक भवनों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही आम नागरिकों को अपने घरों की छतों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने के लिए भी जागरूक करने के निर्देश दिए गए।

स्कूलों में प्रतियोगिताएं, किसानों को आधुनिक सिंचाई के लिए प्रेरित किया जाएगा

जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को विद्यालयों में पोस्टर प्रतियोगिता और निबंध प्रतियोगिता आयोजित कर जल संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के निर्देश दिए।

वहीं कृषि एवं उद्यान विभाग को किसानों को ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करने को कहा गया, ताकि जल का बेहतर और संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके।

ग्राम पंचायतों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम

जिला पंचायतराज अधिकारी को निर्देश दिए गए कि ग्राम पंचायत स्तर पर श्रमदान, रिचार्ज पिट निर्माण, दीवार लेखन, पोस्टर अभियान तथा ग्राम प्रधानों के सहयोग से जल संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

इसी प्रकार लघु सिंचाई विभाग को चेकडैम एवं रिचार्ज संरचनाओं का निरीक्षण कर उनकी साफ-सफाई और जल संरक्षण की आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

औद्योगिक क्षेत्रों और सामाजिक संगठनों की भी होगी भागीदारी

जिलाधिकारी ने उद्योग विभाग को औद्योगिक क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा औद्योगिक इकाइयों के साथ जनजागरूकता बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने ग्राम प्रधानों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यालय प्रबंध समितियों और स्वैच्छिक संगठनों से प्रत्येक स्तर पर नागरिकों को अभियान से जोड़ने और कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

रिपोर्ट, फोटो और वीडियो तैयार करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि भूजल सप्ताह के अंतर्गत आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों की विस्तृत रिपोर्ट, फोटोग्राफ, वीडियो तथा उनकी सॉफ्ट कॉपी एवं हार्ड कॉपी तैयार की जाए।

उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठकें आयोजित कर आमजन को पाइप पेयजल आपूर्ति, नल से जल के समुचित उपयोग तथा भूजल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए। साथ ही छतों, सार्वजनिक भवनों, तालाबों और कुओं को चिन्हित कर वहां वर्षा जल संचयन की योजना तैयार करने तथा विकास खंड स्तर पर जल संरक्षण विषयक कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, सहायक अभियंता लघु सिंचाई सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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