विश्व शांति कल्याण चातुर्मास के शुभारंभ पर 108 थालियों की महाआरती, भव्य शोभायात्रा और देशभर से श्रद्धालुओं के आगमन की तैयारियां पूरी।
भीलवाड़ा। भीलवाड़ा में 19 जुलाई को आचार्य रामदयालजी महाराज की भव्य पधरावणी के साथ वर्ष 2026 के विश्व शांति कल्याण चातुर्मास का शुभारंभ होगा। अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के पीठाधीश्वर जगद्गुरु आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज रविवार, 19 जुलाई को भीलवाड़ा की पावन धरा पर मंगलमय पधरावणी करेंगे। आचार्यश्री अपने आचार्यत्व काल के 33वें चातुर्मास में से पांचवीं बार भीलवाड़ा में चातुर्मास करने जा रहे हैं। उनके आगमन को लेकर पूरे भीलवाड़ा सहित रामस्नेही सम्प्रदाय और सर्व समाज के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह का वातावरण है।
विश्व शांति कल्याण चातुर्मास समिति के तत्वावधान में आयोजित इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन का शुभारंभ रविवार सुबह भव्य शोभायात्रा के साथ होगा। धार्मिक आस्था, वैदिक परंपरा और सनातन संस्कृति के इस महोत्सव के साक्षी बनने के लिए प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के भीलवाड़ा पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
सुबह 8:30 बजे होगी मंगलमय पधरावणी
समिति के अनुसार रविवार सुबह 8:30 बजे आचार्य श्रीरामदयालजी महाराज की चातुर्मासिक मंगलमय पधरावणी होगी। शोभायात्रा प्रारंभ होने से पूर्व श्रद्धालु भावपूर्ण अगवानी करेंगे। रेलवे स्टेशन चौराहे पर शंखनाद एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंगलाचरण होगा।
इसके बाद सर्व समाज के श्रद्धालु 108 थालियों के साथ आचार्यश्री की भव्य महाआरती करेंगे। वैदिक विधि-विधान और संत परंपरा के अनुरूप पूजन-अर्चन के बाद शोभायात्रा विधिवत प्रारंभ होगी।
हाथी, घोड़े, ऊंट और ड्रोन पुष्पवर्षा रहेगा आकर्षण
आचार्यश्री की शोभायात्रा आध्यात्मिक वैभव और धार्मिक परंपराओं का अनूठा संगम होगी। सबसे आगे हाथी, घोड़े, ऊंट, छत्र-चंवर और शाही लवाजमा श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। पूरे मार्ग को आध्यात्मिक उत्सव का स्वरूप देने के लिए 108 स्वागत द्वार बनाए गए हैं।
विभिन्न स्थानों पर रामस्नेही भक्तों द्वारा आचार्यश्री का पूजन, आरती और अभिनंदन किया जाएगा। इस बार शोभायात्रा में ड्रोन के माध्यम से पुष्पवर्षा विशेष आकर्षण रहेगी। इसके अलावा महाकाल आरती की मनमोहक प्रस्तुति देने वाला दल भी शोभायात्रा में शामिल होगा। संपूर्ण मार्ग पर आकर्षक रंग-बिरंगी रंगोलियां सजाई जाएंगी, जिससे पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा।
इन मार्गों से निकलेगी भव्य शोभायात्रा
भव्य शोभायात्रा रेलवे स्टेशन रोड स्थित गजाधर मानसिंहका धर्मशाला से प्रारंभ होकर सरकारी दरवाजा, गोल प्याऊ, बालाजी मार्केट, सूचना केंद्र चौराहा, गांधी बाजार और भीमगंज थाना चौराहा होते हुए माणिक्यनगर रामद्वारा पहुंचेगी। यहां विशाल धर्मसभा के साथ कार्यक्रम का प्रथम चरण संपन्न होगा।
मार्ग में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों द्वारा स्वागत मंच बनाए गए हैं। शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर आचार्यश्री के स्वागत में होर्डिंग, बैनर और स्वागत संदेश लगाए गए हैं।
चार माह तक होंगे धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन
चातुर्मास के दौरान देशभर से रामस्नेही सम्प्रदाय के संत, महंत और हजारों श्रद्धालु भीलवाड़ा पहुंचेंगे। आचार्य श्रीरामदयालजी महाराज के सान्निध्य में चार माह तक धर्मोपदेश, सत्संग, भजन, प्रवचन, आध्यात्मिक चिंतन, संस्कार शिविर तथा सनातन संस्कृति से जुड़े अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
समिति के अनुसार यह चातुर्मास विश्व शांति, मानव कल्याण, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरण को समर्पित रहेगा तथा प्रदेश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जा रहा है।
शाहपुरा में निभाई गई रामत की परंपरा
भीलवाड़ा प्रस्थान से पूर्व शनिवार को आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं आयोजक परिवार रामनिवास धाम, शाहपुरा पहुंचे, जहां परंपरानुसार आचार्यश्री की चातुर्मासिक रामत की आरती एवं रसोई (प्रसादी) का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर आयोजक परिवारों के सदस्यों के साथ सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धाभाव से सहभागिता निभाई तथा आचार्यश्री से विश्व शांति, समाज कल्याण और मानव मंगल की प्रार्थना की।
ऐतिहासिक होगा इस वर्ष का चातुर्मास
आयोजन समिति के अनुसार इस बार का विश्व शांति कल्याण चातुर्मास भव्यता, अनुशासन और आध्यात्मिक गरिमा की दृष्टि से ऐतिहासिक होने जा रहा है। प्रशासन, विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों एवं रामस्नेही भक्तों ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।
श्रद्धालुओं में आचार्यश्री के मंगलमय दर्शन, शोभायात्रा और धर्मसभा में सहभागी बनने को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।
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Bhilwara, Rajasthan
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