विद्यार्थियों ने घरों से पौधे लाकर किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व सम्मान का दिया संदेश।
प्रयागराज। एनएसके इंटर कॉलेज, शंकरगढ़ में सोमवार को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत उत्साहपूर्वक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ मातृत्व के सम्मान का संदेश देना रहा। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने स्वयं अपने घरों से पौधे लाकर विद्यालय परिसर में उनका रोपण किया और उनकी नियमित देखभाल का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यह रही कि इस बार पौधे विद्यालय द्वारा उपलब्ध नहीं कराए गए, बल्कि विद्यार्थियों ने स्वयं अपने घरों से नीम, पीपल, बरगद, आम और अशोक सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लाकर परिसर में लगाए। सभी छात्रों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण करते हुए हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया।
पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता
विद्यालय के प्रबंधक संतोष त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “मां हमें जीवन देती है और पेड़ उस जीवन को सुरक्षित रखते हैं।” उन्होंने कहा कि बढ़ता प्रदूषण, घटता भूजल स्तर और लगातार बढ़ती गर्मी जैसी समस्याओं का सबसे प्रभावी समाधान अधिक से अधिक वृक्षारोपण है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मां के नाम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो धरती फिर से हरी-भरी बन सकती है।
शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रताप बहादुर सिंह ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण के संस्कार विकसित करना भी विद्यालय का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान प्रकृति और मातृत्व दोनों के प्रति सम्मान का संदेश देता है।
शिक्षकों ने भी निभाई सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर पौधारोपण किया। इस दौरान विजय शंकर मिश्रा, ज्ञानेंद्र मिश्रा, अशोक त्रिपाठी, उत्तम सिंह बघेल, प्रदीप मिश्रा, संदीप सिंह, अनिल कुमार, एल.एन. वर्मा, कमलाकर सिंह, राजेश सिंह, सुमेश, रावेंद्र, कामिनी सिंह, अनीता सिंह, अर्चना सिंह, सोनाली पांडे, माया सिंह और हीरा पांडे सहित अन्य शिक्षकों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों ने अपने-अपने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। विद्यालय प्रशासन ने प्रत्येक कक्षा को पौधों की जिम्मेदारी भी सौंपी, ताकि उनका संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
विद्यालय प्रशासन ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण प्रदूषण जैसी चुनौतियों के बीच इस प्रकार के अभियान समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। विद्यार्थियों द्वारा स्वेच्छा से पौधे लाकर रोपण करना इस बात का प्रमाण है कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत घर और विद्यालय से ही की जा सकती है।
यह भी पढ़ें:

Prayagraj, Ouuta Pradesh
Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:
सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।