उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने मॉल रोड पर हॉर्न बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने की तैयारी पूरी की।
नैनीताल। नैनीताल मॉल रोड 1 अगस्त से नो हॉर्न जोन घोषित कर दी जाएगी। उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने तल्लीताल डांठ से मल्लीताल रिक्शा स्टैंड तक वाहनों द्वारा हॉर्न बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जिला कार्यालय सभागार में अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने पुलिस, परिवहन, राजस्व, जिला विकास प्राधिकरण और नगर पालिका द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि 1 अगस्त 2026 से प्रतिबंध का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को पहले से जानकारी देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
24 से 31 जुलाई तक चलेगा जागरूकता अभियान
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 24 जुलाई से 31 जुलाई तक विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। मॉल रोड और अन्य प्रमुख स्थानों पर ‘नो हॉर्न’ से संबंधित साइन बोर्ड, फ्लेक्स और सूचना बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, झील संरक्षण और स्वच्छता के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाए।
उन्होंने कहा कि इस अभियान में एनसीसी, एनएसएस और मेरा युवा भारत के स्वयंसेवकों का भी सहयोग लिया जाएगा।
स्थानीय संगठनों का लिया जाएगा सहयोग
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी और संभागीय परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए कि वे व्यापार मंडल, टैक्सी एसोसिएशन, बार एसोसिएशन, नाव संगठन, डीएसए सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं संस्थानों के साथ बैठक कर इस अभियान में उनका सहयोग सुनिश्चित करें।
सीसीटीवी से होगी निगरानी
मॉल रोड क्षेत्र में प्रतिबंध के प्रभावी पालन के लिए एक सप्ताह के भीतर विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को तत्काल सर्वे कर कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सके।
ध्वनि प्रदूषण रोकना मुख्य उद्देश्य
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि नैनीताल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का प्रमुख पर्यटन स्थल है। मॉल रोड अपनी शांत, प्राकृतिक और सौम्य वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। ऐसे में अनावश्यक हॉर्न से होने वाला ध्वनि प्रदूषण पर्यटकों के अनुभव को प्रभावित करता है।
उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे मॉल रोड क्षेत्र में हॉर्न का प्रयोग न करें और नैनीताल की प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय गरिमा बनाए रखने में सहयोग दें।
उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 1 अगस्त 2026 से आदेश का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध उत्तराखंड मोटरयान नियमावली, 2011 तथा अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक (यातायात) जगदीश चंद्र, संभागीय परिवहन अधिकारी अरविंद पांडे, सचिव जिला विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक, पुलिस क्षेत्राधिकारी रविकांत सेमवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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नैनीताल, उत्तराखंड
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