जल कलश भरकर भूजल पुनर्भरण का प्रतीकात्मक संदेश दिया गया, विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।
प्रयागराज। भूजल सप्ताह-2026 के समापन अवसर पर बुधवार को संगम सभागार में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह की अध्यक्षता में भूजल गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद जल कलश भरकर भूजल पुनर्भरण का प्रतीकात्मक संदेश देते हुए जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया गया।
गोष्ठी में भूजल सप्ताह के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की ओर से किए गए कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की तथा भविष्य में भूजल संरक्षण के लिए और अधिक प्रभावी कदम उठाने का संकल्प व्यक्त किया।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान भूजल सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित चित्रकला, निबंध, क्विज एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने के लिए प्रेरित किया गया।
भूजल संरक्षण को बताया सामूहिक जिम्मेदारी
मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भूजल संरक्षण एक सतत प्रक्रिया है और इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों से जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने तथा वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते भूजल संरक्षण की दिशा में ठोस प्रयास नहीं किए गए तो भविष्य में जल संकट और गंभीर हो सकता है। इसलिए सभी नागरिकों को जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने और भूजल पुनर्भरण के उपाय अपनाने चाहिए।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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