सवाई माधोपुर में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि


वतन के कलाम को हमारा सलाम’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में मोहब्बत की सद्भावना रसोई, कैंडल श्रद्धांजलि और राष्ट्र निर्माण का लिया गया संकल्प।

सवाई माधोपुर। भारत रत्न, भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर सोमवार शाम वतन फाउंडेशन द्वारा रेलवे स्टेशन सर्कुलेटिंग एरिया में “वतन के कलाम को हमारा सलाम” थीम के अंतर्गत “मोहब्बत की सद्भावना रसोई” एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, गणमान्य नागरिकों, महिलाओं, युवाओं एवं स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी रही। इस दौरान हजारों जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को सम्मानपूर्वक भोजन करवाकर सेवा, सद्भाव और मानवता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। भोजन वितरण के बाद उपस्थित लोगों ने कैंडल जलाकर एवं दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी लिया।

मानवता और भाईचारे का संदेश देना उद्देश्य : मोइन खान

वतन फाउंडेशन के प्रवक्ता मोइन खान ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल सामाजिक सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारा, आपसी सौहार्द और इंसानियत की भावना को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का संपूर्ण जीवन सेवा, सादगी, शिक्षा और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है तथा उन्हीं के आदर्शों से प्रेरित होकर संस्था निरंतर जनहित के कार्य कर रही है।

जरूरतमंद के चेहरे की मुस्कान ही सच्ची श्रद्धांजलि : हुसैन आर्मी

वतन फाउंडेशन के संगठन प्रमुख हुसैन आर्मी ने कहा कि “मोहब्बत की सद्भावना रसोई” केवल भोजन वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान और अपनत्व पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना ही डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को सच्ची श्रद्धांजलि है।

संरक्षक राजेश शर्मा ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन जनसहभागिता से ही संभव है। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आमजन की सहभागिता ही इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है।

युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान का आह्वान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोफेसर रामलाल ने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन प्रत्येक युवा के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, अनुशासन, नवाचार और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने सामाजिक दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन करे तो एक मजबूत और समरस भारत का निर्माण संभव है।

मिश्रीलाल गोटेवाला ने कहा कि डॉ. कलाम का सपना विकसित भारत का था और उसे साकार करने की जिम्मेदारी आज की युवा पीढ़ी पर है। वहीं रूमा नाज़ ने समाज में प्रेम, करुणा और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने वाले ऐसे आयोजनों को समय की आवश्यकता बताते हुए वतन फाउंडेशन की पहल की सराहना की।

एडवोकेट रामस्वरूप साहू ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी संवेदनशीलता से होती है और जरूरतमंदों की सेवा सबसे बड़ा धर्म है। एडवोकेट दानिश खान ने कहा कि डॉ. कलाम के आदर्श हमें ज्ञान और सेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

स्वयंसेवकों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने अनुशासित एवं सुव्यवस्थित ढंग से हजारों जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया। वतन फाउंडेशन की छबड़ा शाखा के एडवोकेट अकील अहमद, अफज़ल खान, इरफान खान, अरशान सहित अन्य स्वयंसेवकों ने भी सेवा कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई।

श्रद्धांजलि सभा में मंजू गंगवाल, सुमन शर्मा, अनु जैन, पूजा मीना, गिर्राज सोनी, भोला विराज, अमन वाल्मीकि, विकार अहमद, मगरूब खान, मनोज लखवानी, जाबिर खान, लक्ष्मी चंद मलानी, सुरेश जैन, हरकचंद जैन, राजमल जैन, दीप जाटव, किशन महावर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. कलाम के जीवन से प्रेरणा लेकर सेवा, सद्भाव, मानवता और सामाजिक समरसता के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में वतन फाउंडेशन की ओर से सभी अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं, स्वयंसेवकों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी जनसेवा के ऐसे कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।

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