19 अगस्त को सीकर में जैनेश्वरी क्षुल्लक दीक्षा से पहले सकल जैन समाज ने अभिनंदन कर वैराग्य की भावना का किया सम्मान।
उनियारा। बनेठा कस्बे में सकल जैन समाज की ओर से गुरुवार को दीक्षार्थी महावीर जैन की दीक्षा पूर्व गोद एवं छोल भराई की रस्म श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाई गई। महावीर जैन आगामी 19 अगस्त 2026 को राजस्थान के सीकर शहर में जैनेश्वरी क्षुल्लक दीक्षा लेने जा रहे हैं। इस अवसर पर समाजजनों ने उनका अभिनंदन किया और गाजे-बाजे एवं ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य बिनौली यात्रा निकाली।
कार्यक्रम का आयोजन चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर एवं नेमीनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर के पदाधिकारियों एवं सकल जैन समाज के सहयोग से किया गया। दीक्षार्थी महावीर जैन की अगवानी के दौरान समाजजनों में उत्साह और धार्मिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला।
श्रीफल, फल और मेवों से हुई छोल भराई
समाज के हरीश जैन पाण्डया एवं बसंत जैन ने बताया कि कार्यक्रम के तहत दोपहर 2 बजे चन्द्रप्रभु मंदिर में छोल भराई की रस्म आयोजित की गई। सकल जैन समाज के लोगों ने दीक्षार्थी महावीर जैन की छोल श्रीफल, फल, सूखे मेवे, काजू-किशमिश, अखरोट और मिश्री से भरी।
इसके बाद गाजे-बाजे के साथ महावीर जैन की भव्य बिनौली यात्रा निकाली गई। यात्रा मुख्य बाजार से होते हुए तेजाजी चौक, बड़ा बाजार, आजाद चौक और नेमीनाथ मंदिर पहुंची तथा इसके बाद जैन मंदिर के समीप स्थित संत निवास तक पहुंची।
जगह-जगह समाजजनों ने निभाई गोद भराई की रस्म
बिनौली यात्रा के दौरान समाज के लोगों ने अपने घरों के बाहर दीक्षार्थी महावीर जैन की गोद भराई की रस्म निभाई। इस दौरान महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
गरिमा गंभीर महिला मंडल की ओर से महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में भक्तिमय वातावरण में गोद भराई की रस्म निभाई गई। धार्मिक आयोजन के दौरान समाजजनों ने दीक्षार्थी के आगामी दीक्षा जीवन के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
सामायिक, अभिषेक और शास्त्र पठन का करते हैं पालन
समाजजनों के अनुसार सरल स्वभाव एवं सुशिक्षित महावीर जैन के मन में आचार्य इन्द्रनन्दी महाराज एवं निर्यापक संत सुधासागर महाराज की प्रेरणा से दीक्षा के भाव जागृत हुए।
महावीर जैन अपनी दिनचर्या में सामायिक, अभिषेक, नित्य देवदर्शन, पूजन एवं शास्त्र पठन जैसी धार्मिक गतिविधियों का नियमित रूप से पालन करते हैं। उनके वैराग्य भाव और धार्मिक जीवन के प्रति समर्पण को लेकर समाज में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
संसार की नश्वरता से जागा वैराग्य भाव
दीक्षार्थी महावीर जैन ने संसार की नश्वरता और बारह भावनाओं के सार से प्रभावित होकर जैनेश्वरी दीक्षा लेने की भावना प्रकट की। अब उनका यह संकल्प 19 अगस्त 2026 को सीकर की पावन धरा पर जैनेश्वरी क्षुल्लक दीक्षा के रूप में साकार होने जा रहा है।
जैन धर्म में भौतिक सुख-सुविधाओं से ऊपर उठकर वैराग्य की ओर अग्रसर होना और जैनेश्वरी दीक्षा धारण करना जीवन की महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अवस्थाओं में माना जाता है।
जैनाचार्य वर्धमान सागर महाराज से लेंगे दीक्षा
महावीर जैन जैनाचार्य वर्धमान सागर महाराज से जैनेश्वरी क्षुल्लक दीक्षा ग्रहण करेंगे। दीक्षा से पहले आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने उपस्थित समाजजनों को आशीर्वाद प्रदान किया।
समाज के लोगों ने कहा कि महावीर जैन का दीक्षा मार्ग की ओर बढ़ना पूरे बनेठा जैन समाज के लिए गौरव का विषय है। समाजजनों ने उनके भावी आध्यात्मिक जीवन के लिए मंगलकामनाएं कीं।
ये रहे मौजूद
बिनौली यात्रा के दौरान अग्रवाल समाज अध्यक्ष तेजमल जैन, अग्रवाल समाज चौरासी के ब्लॉक अध्यक्ष लोकेश जैन, सरावगी समाज अध्यक्ष पदम पाण्डया, संरक्षक पूरणमल लुहाड़िया, प्रवीण पाण्डया, बसंत जैन, निहालचन्द, धर्म चन्द, दिनेश पाण्डया सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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Tonk, Rajasthan
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