डीग में लग्जरी व स्लीपर बसों की जांच, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर कार्रवाई


संयुक्त निरीक्षण में अतिरिक्त सीटें लगाने और अग्निशमन व आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था में कमियां मिलने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

डीग। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमराज गौड़ के मार्गदर्शन में बुधवार, 13 अगस्त 2026 को लग्जरी एवं स्लीपर बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के तहत बसों का औचक एवं संयुक्त निरीक्षण कर यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मानकों की जांच की गई।

इस विशेष अभियान का नेतृत्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के सचिव रामकिशन शर्मा ने किया। निरीक्षण के दौरान मोटर वाहन अधिनियम, 1988 तथा राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप बसों की यांत्रिक स्थिति, दस्तावेज, संरचनात्मक बदलाव और सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई।

बस में अतिरिक्त सीटें लगाकर बदला गया मूल ढांचा

निरीक्षण के दौरान एक बस में निर्धारित क्षमता से अतिरिक्त सीटें लगाकर उसके मूल ढांचे में बदलाव किया जाना पाया गया। अधिकारियों ने मौके पर ही अनधिकृत रूप से लगाई गई अतिरिक्त सीटों को डिसमेंटल कराया।

इसके साथ ही संबंधित बस संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करते हुए जुर्माना अधिरोपित किया गया। निरीक्षण दल ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति वाहनों के मूल ढांचे में किसी भी प्रकार का परिवर्तन यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हो सकता है।

परमिट और वाहन संरचना की भी हुई जांच

संयुक्त निरीक्षण दल ने बसों की निर्धारित लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई के साथ-साथ पंजीयन प्रमाण पत्र, परमिट, चेसिस नंबर, मॉडल विवरण और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।

इसके अलावा यह भी देखा गया कि बसों में किसी प्रकार का अनधिकृत संरचनात्मक परिवर्तन तो नहीं किया गया है। निरीक्षण के दौरान बसों की वास्तविक स्थिति का दस्तावेजों में दर्ज विवरण से मिलान किया गया।

अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास में मिली कमियां

निरीक्षण के दौरान कई लग्जरी एवं स्लीपर बसों में सुरक्षा मानकों के पालन में कमियां सामने आईं। कुछ वाहनों में अग्निशमन यंत्र निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, जबकि कुछ बसों में अग्निशमन उपकरण उपलब्ध नहीं थे।

इसके अलावा कई वाहनों में आपातकालीन निकास की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। निरीक्षण दल ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए यात्रियों की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

यात्रियों की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं: सचिव

निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रामकिशन शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने निर्देश दिए कि वाहनों में किए गए अनधिकृत संशोधनों को तत्काल हटवाया जाए तथा सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने वाले बस संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार चालानी एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।

संयुक्त निरीक्षण दल में ये अधिकारी रहे मौजूद

विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नमो नारायण मीणा, राधेश्याम शर्मा, जिला परिवहन निरीक्षक, डीग, जगदीश नारायण सौगड़, मोटर वाहन निरीक्षक, विनोद कुमार शर्मा, चीफ, तथा राजेन्द्र कुमार शर्मा, डिप्टी चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल, डीग सहित न्यायिक कर्मचारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि आमजन की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के विशेष चेकिंग एवं निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रखे जाएंगे।

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