डीग में शिक्षक गुरु प्रसाद के निलंबन के विरोध में महासंघ ने सौंपा ज्ञापन


अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने अकादमिक स्वतंत्रता और शिक्षक सम्मान की रक्षा की मांग करते हुए प्रधानमंत्री, केरल सीएम व राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया।

डीग। केरल के कासरगोड जिले में विद्यालय स्तरीय स्वतंत्रता प्रश्नोत्तरी में वीर विनायक दामोदर सावरकर से संबंधित प्रश्न पूछे जाने के बाद शिक्षक गुरु प्रसाद के निलंबन के विरोध में सोमवार को डीग जिला मुख्यालय पर शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के नेतृत्व में शिक्षकों ने जिला कलेक्टर, डीग के माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री, केरल के मुख्यमंत्री एवं केरल के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर निलंबन वापस लेने की मांग की।

कार्यक्रम का नेतृत्व महासंघ के जिला अध्यक्ष अनिल सीही ने किया। इस दौरान जिले के विभिन्न खंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक जिला मुख्यालय पहुंचे और शिक्षक सम्मान, अकादमिक स्वतंत्रता तथा न्याय के पक्ष में अपनी आवाज उठाई।

शिक्षक गुरु प्रसाद के निलंबन का किया विरोध

महासंघ के जिला मंत्री देवेंद्र यादव ने बताया कि 6 अगस्त को केरल के कासरगोड जिले में सामाजिक विज्ञान क्लब की स्वतंत्रता प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई थी। इसमें वीर सावरकर से संबंधित एक प्रश्न पूछा गया था। इसके बाद राजनीतिक विवाद के बीच एयूपीएस पल्लथडक्का के शिक्षक गुरु प्रसाद को 9 अगस्त को निलंबित कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि शिक्षक ने निलंबन के खिलाफ केरल उच्च न्यायालय का रुख किया। 13 अगस्त को न्यायालय ने राज्य सरकार से निलंबन के विशिष्ट कारण बताने को कहा।

प्रश्न में त्रुटि हो तो शिक्षक को दंडित नहीं किया जाए

देवेंद्र यादव ने कहा कि प्रश्न की भाषा अथवा उसकी तुलनात्मकता को लेकर अकादमिक बहस हो सकती है, लेकिन केवल प्रश्न पूछे जाने के आधार पर किसी शिक्षक को निलंबित करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि प्रश्न में किसी प्रकार की त्रुटि थी तो उसे सुधारा जा सकता था। यदि प्रश्न तैयार करने की प्रक्रिया में एक से अधिक शिक्षक शामिल थे तो किसी एक शिक्षक को जिम्मेदार ठहराने से पहले पूरी प्रक्रिया और संबंधित शिक्षकों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक विषयों को विद्यार्थियों के सामने तथ्य एवं प्रमाण के आधार पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए और शिक्षकों को अकादमिक विषयों पर निष्पक्ष तरीके से कार्य करने का अवसर मिलना चाहिए।

अकादमिक स्वतंत्रता की रक्षा की मांग

महासंघ ने ज्ञापन के माध्यम से शिक्षक गुरु प्रसाद का निलंबन तत्काल वापस लेने की मांग की। साथ ही शिक्षकों की अकादमिक स्वतंत्रता, गरिमा एवं सम्मान की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई।

संगठन ने कहा कि शिक्षकों को ऐतिहासिक विषयों पर तथ्यपरक एवं अकादमिक दृष्टिकोण से कार्य करने के लिए अनुकूल वातावरण मिलना चाहिए। ऐसी कार्रवाई से बचने की आवश्यकता है, जिससे शिक्षकों में भय या आत्म-सेंसरशिप की स्थिति उत्पन्न हो।

शिक्षक एकजुटता का दिया संदेश

कार्यक्रम में जिले के विभिन्न खंडों से आए संगठन के पदाधिकारी एवं शिक्षक शामिल हुए। सभी ने शिक्षक सम्मान, अकादमिक स्वतंत्रता और न्याय के समर्थन में एकजुटता व्यक्त की तथा संबंधित सरकार से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।

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