कृष्ण-अर्जुन संवाद, भजन संध्या, आकर्षक झांकियां और मध्यरात्रि जन्मोत्सव श्रद्धालुओं के लिए रहेंगे प्रमुख आकर्षण।
भीलवाड़ा। भक्ति, आस्था और उल्लास के रंगों में रंगने को तैयार नौगांवा स्थित श्री सांवरिया सेठ मंदिर में इस बार जन्माष्टमी महोत्सव को भव्य रूप देने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मंदिर में 4 सितंबर, शुक्रवार को आयोजित होने वाले महोत्सव के दौरान आयोजन समिति की ओर से परिसर को वृंदावन की तर्ज पर सजाया जाएगा।
फूलों की महक, आकर्षक धार्मिक झांकियां, भजनों की स्वर लहरियां और मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का जीवंत दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। तैयारियों को अंतिम रूप देने एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए माधव गौशाला प्रांगण में मंदिर कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी।
मंगला आरती, दुग्धाभिषेक और हवन-यज्ञ से होगा शुभारंभ
कार्यक्रम संयोजक आलोक पलोड़ ने बताया कि जन्माष्टमी महोत्सव का शुभारंभ प्रातः मंगला आरती, दुग्धाभिषेक और भगवान के अलौकिक श्रृंगार के साथ होगा। विश्व शांति की कामना को लेकर हवन-यज्ञ भी आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर मंदिर के गर्भगृह को मोगरे के सुगंधित फूलों से विशेष रूप से सजाया जाएगा। वहीं महोत्सव का प्रमुख आकर्षण परिसर में लगाए जा रहे विशेष सजावटी फव्वारे रहेंगे। फव्वारों की आकर्षक सजावट मंदिर परिसर की भव्यता को और बढ़ाएगी।
बच्चे करेंगे कुरुक्षेत्र शंखनाद और कृष्ण-अर्जुन संवाद का मंचन
जन्माष्टमी महोत्सव में किड्स कुडोज स्कूल के बच्चों द्वारा कुरुक्षेत्र शंखनाद एवं श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद का जीवंत मंचन किया जाएगा। धार्मिक प्रसंगों पर आधारित यह प्रस्तुति श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी।
वहीं आराध्य इवेंट के सौजन्य से बांके बिहारी, राधा रमण एवं गोविंद देवजी की नयनाभिराम झांकियां सजाई जाएंगी। श्रद्धालुओं को विभिन्न धार्मिक स्वरूपों के दर्शन का अवसर मिलेगा।
भजन संध्या और गो-परिक्रमा भी होगी
महोत्सव के दौरान दोपहर में गुंजन म्यूजिक रायला की ओर से भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। भजनों की स्वर लहरियों से मंदिर परिसर भक्तिमय होगा।
इसके साथ ही माधव गौशाला में गो-परिक्रमा का आयोजन भी किया जाएगा। श्रद्धालु धार्मिक वातावरण में गो-परिक्रमा कर महोत्सव में सहभागिता निभाएंगे।
रात 10:30 बजे पंचामृत अभिषेक, 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव
जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान रात्रि 10:30 बजे भगवान श्रीकृष्ण का भव्य पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद मध्यरात्रि 12 बजे जीवंत कारागृह दृश्य के बीच भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आयोजन होगा।
भगवान के जन्म के प्रसंग को आकर्षक रूप में प्रस्तुत करने की तैयारियां की जा रही हैं। मध्यरात्रि का यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए महोत्सव का प्रमुख आध्यात्मिक आकर्षण रहेगा।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष पीएम ई-बस सेवा
महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष पीएम ई-बस सेवा संचालित की जाएगी। विभिन्न स्थानों से सीधे नौगांवा तक बस सेवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
पुर से नौगांवा: सुबह 6:30, 8:20 और 10:10 बजे, दोपहर 12:12, 2:40 और 3:30 बजे तथा शाम 6:30 बजे बस उपलब्ध रहेगी।
गाडरमाला से नौगांवा: सुबह 7:00 और 11:30 बजे तथा दोपहर 3:30 बजे बस सेवा उपलब्ध रहेगी।
कारोई से नौगांवा: सुबह 6:00 और 9:15 बजे, दोपहर 1:15 बजे तथा शाम 4:15 बजे बस सेवा संचालित होगी।
गंगापुर चौराहा से नौगांवा: प्रत्येक एक घंटे के नियमित अंतराल पर बस सेवा उपलब्ध रहेगी।
निःशुल्क पार्किंग और फलाहारी भोजन की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में निःशुल्क पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए सशुल्क शुद्ध फलाहारी भोजन की भी व्यवस्था रहेगी।
आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं से महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का धर्मलाभ लेने का आह्वान किया गया है।
महोत्सव की तैयारियों में जुटे मंदिर कार्यकर्ता
जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने में सह-संयोजक सोहनलाल गहलोत एवं सुनील नवाल के साथ कार्यकर्ता श्रवण सेन, कैलाश डाड और गिरराज काबरा सहित मंदिर के सभी कार्यकर्ता पूरे उत्साह और समर्पण के साथ जुटे हुए हैं।
आयोजन समिति का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को धार्मिक वातावरण के साथ बेहतर दर्शन, आवागमन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। वृंदावन की तर्ज पर सजने वाला मंदिर परिसर, धार्मिक प्रस्तुतियां और मध्यरात्रि का कृष्ण जन्मोत्सव इस बार नौगांवा जन्माष्टमी महोत्सव को विशेष बनाने की तैयारी में हैं।
यह भी पढ़ें:
Bhilwara, Rajasthan
Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:
सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।