प्रयागराज में बाढ़ राहत वितरण पर सवाल, निजी घर में बांटी सामग्री


सतपुरा में तीन दिन बाद पहुंची राहत सामग्री, ग्राम प्रधान प्रशासक ने हल्का लेखपाल पर धन वसूली और मनमाने वितरण के आरोप लगाए।

प्रयागराज। जनपद के यमुनानगर तहसील बारा अंतर्गत ग्राम पंचायत सतपुरा में टोंस नदी की बाढ़ के दौरान राहत सामग्री के वितरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। ग्राम प्रधान प्रशासक प्रदीप कुमार मिश्र ने हल्का लेखपाल पर राहत वितरण में अनियमितता, कथित धन वसूली और मनमाने तरीके से सामग्री बांटने का आरोप लगाते हुए सम्पूर्ण समाधान दिवस, बारा में शिकायत दर्ज कराई है।

प्रधान प्रशासक के अनुसार टोंस नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण सतपुरा गांव का संपर्क मार्ग करीब तीन दिनों तक पूरी तरह बाधित रहा। इस दौरान ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रधान का आरोप है कि बाढ़ के दौरान प्रशासन की ओर से कोई राहत टीम गांव नहीं पहुंची और राहत सामग्री भी काफी देर से पहुंची।

तीन दिन बाद गांव पहुंची राहत सामग्री

ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार को संपर्क मार्ग खुलने के बाद हल्का लेखपाल राहत सामग्री लेकर सतपुरा गांव पहुंचे। इसके बाद राहत सामग्री के वितरण को लेकर विवाद सामने आया।

ग्राम प्रधान प्रशासक प्रदीप कुमार मिश्र का आरोप है कि सरकारी राहत सामग्री का वितरण पंचायत भवन या किसी अन्य सार्वजनिक स्थल पर करने के बजाय एक निजी मकान में किया गया। उनका कहना है कि वहां लेखपाल अपने कुछ निजी लोगों के साथ बैठकर राहत सामग्री का वितरण कर रहे थे।

राहत सामग्री के बदले धन मांगने का आरोप

सम्पूर्ण समाधान दिवस में दी गई शिकायत में ग्राम प्रधान प्रशासक ने आरोप लगाया कि राहत सामग्री प्राप्त करने के एवज में कुछ ग्रामीणों से कथित रूप से धन की मांग की गई। साथ ही उन्होंने दावा किया कि राहत सामग्री वास्तविक पात्र लाभार्थियों के बजाय बाहरी एवं निजी व्यक्तियों को वितरित की गई।

हालांकि, इन आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर अभी पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है।

प्रधान को नहीं दी गई राहत वितरण की सूचना

शिकायत में ग्राम प्रधान प्रशासक ने यह भी आरोप लगाया कि राहत सामग्री के वितरण की सूचना न तो उन्हें दी गई और न ही आपदा विभाग के संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई।

ऐसे में राहत सामग्री का वितरण किस सूची और किन मानकों के आधार पर किया गया, इसे लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्राम प्रधान ने प्रशासन से वितरण प्रक्रिया और लाभार्थियों की सूची की जांच कराने की मांग की है।

वितरण रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग

ग्राम प्रधान प्रशासक प्रदीप कुमार मिश्र ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने राहत सामग्री के वितरण से संबंधित रिकॉर्ड, लाभार्थी सूची और वितरण का विवरण सार्वजनिक करने की मांग रखी है।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

तहसील प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन

मामले को लेकर तहसील प्रशासन का कहना है कि ग्राम प्रधान की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही राहत सामग्री वितरण की वास्तविक स्थिति और किसी प्रकार की अनियमितता के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब राहत वितरण को लेकर उठे सवालों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी चर्चा तेज कर दी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच निष्पक्ष तरीके से कर वास्तविक पात्र लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

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