प्रयागराज में 49 उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान, डीएम ने दिए प्रशस्ति पत्र


शिक्षक दिवस पर संगम सभागार में आयोजित समारोह में माध्यमिक शिक्षा के 25 और बेसिक शिक्षा के 24 शिक्षक सम्मानित हुए।

प्रयागराज। भारत के द्वितीय राष्ट्रपति, महान शिक्षक एवं दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के अवसर पर शनिवार को संगम सभागार में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। माध्यमिक शिक्षा विभाग एवं बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह की अध्यक्षता जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने की।

समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के 49 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इनमें माध्यमिक शिक्षा विभाग के 25 तथा बेसिक शिक्षा विभाग के 24 शिक्षक शामिल रहे। जिलाधिकारी ने सभी सम्मानित शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान कर उनके उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की।

शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माता: जिलाधिकारी

इस अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि शिक्षक केवल एक व्यक्ति के जीवन को दिशा देने का कार्य नहीं करता, बल्कि वह पूरे समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों को ज्ञान देने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व को बेहतर दिशा देने, सकारात्मक सोच विकसित करने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। शिक्षक के मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने जीवन में सही लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं।

49 शिक्षकों को मिला सम्मान

शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कुल 49 शिक्षकों को जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। माध्यमिक शिक्षा विभाग के 25 और बेसिक शिक्षा विभाग के 24 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

समारोह के दौरान शिक्षकों के योगदान और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में उनकी भूमिका को रेखांकित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायी बताया गया।

शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक बदलाव पर जोर

समारोह में संयुक्त शिक्षा निदेशक आर.एन. विश्वकर्मा ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शिक्षकों से अपने भीतर शिक्षक भाव को और मजबूत करने तथा विद्यार्थियों के प्रति जिम्मेदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक परिवर्तन लाने के लिए शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के साथ उनके संस्कार, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दिया जाना आवश्यक है।

शिक्षक धर्म और दायित्व का पालन करने की अपील

कार्यक्रम के अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने शिक्षकों से अपने कर्तव्य एवं दायित्वों का पूरी निष्ठा से पालन करने तथा शिक्षक धर्म के अनुरूप विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षक का समर्पण ही शिक्षा व्यवस्था की सफलता का आधार है। शिक्षकों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।

राष्ट्रगान के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

समारोह में संयुक्त शिक्षा निदेशक आर.एन. विश्वकर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. संतोष कुमार राय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ शिक्षक सम्मान समारोह का विधिवत समापन हुआ।

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