त्रिनेत्र गणेश लक्खी मेले में उमड़ा आस्था का सागर, सुरक्षा और स्वच्छता पर रहा फोकस


रणथंभौर दुर्ग में लाखों श्रद्धालुओं ने किए त्रिनेत्र गणेश के दर्शन, तीन दिवसीय मेले का सफलतापूर्वक हुआ समापन

सवाई माधोपुर, 14 सितंबर। विश्व के एकमात्र श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर आयोजित वार्षिक लक्खी मेले के तीसरे दिन सोमवार को विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर दुर्ग में भक्ति, उत्साह और आस्था का सागर उमड़ पड़ा। इसके साथ ही तीन दिवसीय वार्षिक महोत्सव का सफलतापूर्वक समापन हो गया।

जिला कलक्टर काना राम के निर्देशन में प्रशासन ने इस वर्ष मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ स्वच्छता पर विशेष फोकस किया। प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

लाखों श्रद्धालुओं ने किए त्रिनेत्र गणेश के दर्शन

सवाई माधोपुर जिले के साथ ही आसपास के अन्य जिलों और दूसरे राज्यों से लाखों श्रद्धालु गणेश चतुर्थी के अवसर पर आयोजित भव्य महोत्सव में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर पहुंचकर दर्शन और पूजा-अर्चना की।

मेले के दौरान जिला प्रशासन, नगर परिषद और पंचायती राज विभाग की ओर से सवाई माधोपुर शहर, रणथंभौर रोड, मेला मार्ग तथा किला और मंदिर परिसर क्षेत्र में साफ-सफाई एवं स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की गई। इस स्वच्छता व्यवस्था ने इस बार मेले की भव्यता को नया आयाम दिया।

‘श्री गणेश स्वच्छ सेवा सम्मान’ बनी अनूठी पहल

मेले में भंडारों में साफ-सफाई को बढ़ावा देने के लिए “श्री गणेश स्वच्छ सेवा सम्मान” के रूप में प्रोत्साहन योजना लागू की गई। इस पहल को आयोजन की अनूठी पहल माना गया।

जिला कलक्टर काना राम ने मेले के सफल आयोजन के लिए श्रद्धालुओं, आम जिलावासियों, मेला समिति सहित विभिन्न गतिविधियों की आयोजन समितियों और प्रशासनिक अधिकारियों को बधाई दी।

उन्होंने विशेष रूप से पुलिस एवं वन विभाग सहित सभी सरकारी विभागों और संस्थाओं के कार्मिकों तथा विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं का मेले की सभी गतिविधियों को सफल बनाने में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

जिला कलक्टर ने कहा कि भगवान गणेश के लाखों श्रद्धालुओं ने अनुशासित रहकर श्रद्धा भाव से मेले में भागीदारी की। इसी कारण चुनौतीपूर्ण स्थिति के बावजूद मेले की व्यवस्थाएं नियंत्रित और अनुशासित बनी रहीं।

जयकारों के बीच दुर्गम पहाड़ी चढ़कर पहुंचे श्रद्धालु

मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु गजानन्द महाराज के जन्मोत्सव के लोकगीत गाते, झूमते और नृत्य करते हुए दर्शन के लिए पहुंचे तथा आरती में शामिल हुए।

श्रद्धालुओं ने दुर्गम पहाड़ी चढ़कर जयकारों की गूंज के बीच भगवान श्री त्रिनेत्र गणेशजी के दरबार में विशेष रूप से सजाई गई मूर्ति के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने गणेशजी की पत्नियों रिद्धि और सिद्धि तथा पुत्रों शुभ और लाभ के दर्शन कर हाथ जोड़कर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना की।

वर्षा में भीगते हुए भी श्रद्धालु ‘गणपति बप्पा मोरिया’ के जयकारों के साथ मंदिर तक पहुंचे। लोगों ने बताया कि मेला मार्ग में कदम रखने तक की जगह नहीं होने के बावजूद प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की बेहतर व्यवस्थाओं के चलते मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं को सुचारू रूप से दर्शन होते रहे।

भंडारों में साफ-सफाई के लिए प्रोत्साहन योजना सफल

गणेश चतुर्थी मेले के दौरान उल्लास और श्रद्धा के बीच सवाई माधोपुर शहर और जिले के विभिन्न मार्गों पर सैकड़ों की संख्या में भंडारों और प्रसादी वितरण का आयोजन हुआ। इनमें श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने भी उत्साह के साथ भागीदारी की।

जिला कलक्टर कानाराम के निर्देशन में “स्वच्छ भंडारा, स्वस्थ मेला” अभियान ने पूरे वातावरण को सम्मानजनक और साफ-सुथरा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।

इसके लिए भंडारों में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था के लिए दिशा-निर्देश लागू किए गए। बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले भंडारों को 21 हजार, 11 हजार और 5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा 5 अन्य भंडारों को 1-1 हजार रुपये की सांत्वना राशि देकर सम्मानित करने की योजना बेहद सफल रही।

इस योजना से भंडारा आयोजकों, श्रद्धालुओं और आम लोगों में उत्साह बना रहा। प्रशासनिक स्तर पर भी साफ-सफाई के कार्य में कोई ढिलाई नजर नहीं आई।

जगह-जगह भंडारों और प्रसादी वितरण की व्यवस्था

सवाई माधोपुर में मेले के सभी मार्गों पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडलों और भामाशाहों की ओर से जगह-जगह भंडारे सजाए गए।

निःशुल्क भंडारों में श्रद्धालुओं को भोजन, चाय-नाश्ता, पूरी-सब्जी, खीर-मालपुआ, जलेबी-कचोरी से लेकर शरबत तक वितरित किया गया। श्रद्धालु भंडारों पर श्रद्धा और आत्मीयता के साथ प्रसादी ग्रहण करते रहे, लेकिन कहीं पर भी अव्यवस्था नहीं हुई।

गणेश भक्तों के लिए सुरक्षा और व्यवस्थाएं दुरुस्त

तीन दिवसीय मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए। मेले को विभिन्न जोन में बांटा गया, जहां 2000 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात रहे।

मंदिर में दर्शन के लिए महिलाओं एवं पुरुषों की अलग-अलग कतारों की व्यवस्था रखी गई। श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए मात्र 10 रुपये किराये पर रेलवे स्टेशन से गणेश धाम तक बस सेवा संचालित की गई। इसके अलावा शहर के विभिन्न स्थानों से रोडवेज की बसें भी लगाई गईं।

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