ग्रामीणों ने भूसा-पानी और देखरेख की कमी के आरोप लगाए, उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
प्रयागराज। यमुनानगर विकासखंड जसरा के रेरा गांव स्थित गौशाला में करीब एक दर्जन गोवंशों के मृत मिलने के मामले ने गौशाला की व्यवस्थाओं और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना सामने आने के बाद मामले की गंभीरता से जांच कराने के बजाय मृत गोवंशों को मिट्टी में दबाकर मामला शांत करने का प्रयास किया गया।
हाल ही में सामने आए वीडियो में गौशाला परिसर के अंदर एक गड्ढे में करीब 12 मृत गोवंश पड़े दिखाई दिए थे। गड्ढे में पानी भरा होने और शवों से दुर्गंध आने की बात भी सामने आई। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित मीडिया रिपोर्ट ने नहीं की है।
मृत गोवंश मिलने से मचा हड़कंप
ग्रामीणों के अनुसार गौशाला में मृत गोवंशों के शव खुले गड्ढे में पड़े थे। उनका आरोप है कि गोवंशों की मौत भूख, बीमारी और उचित देखरेख के अभाव में हुई। ग्रामीणों ने गौशाला में पर्याप्त भूसा, पानी और बीमार गोवंशों के उपचार की व्यवस्था नहीं होने के भी आरोप लगाए हैं।
मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, एडीओ पंचायत विनोद कुमार द्विवेदी ने बताया कि गोवंशों के सड़ने और दुर्गंध की जानकारी मिलने पर जेसीबी भेजकर उन्हें मिट्टी में दबा दिया गया।
भूसा और पानी की व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशाला में न पर्याप्त भूसा है और न ही पानी की समुचित व्यवस्था। देखरेख को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि गौशालाओं में चारे के लिए सरकारी स्तर पर धनराशि खर्च होने के बावजूद रेरा गौशाला में गोवंशों को पर्याप्त चारा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चारे की व्यवस्था में बड़े स्तर पर अनियमितता हो सकती है और इसकी जांच कराई जानी चाहिए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पोस्टमार्टम और जांच की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि मृत गोवंशों का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया और मामले में अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी प्रयागराज से रेरा गौशाला की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि गोवंशों की मौत के वास्तविक कारणों की जांच कराई जाए और यदि किसी की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित प्रधान, सचिव और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से गौशाला की व्यवस्थाओं की जांच के साथ भूसा, पानी, उपचार और गोवंशों की देखरेख की स्थिति की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गौशाला में पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
वहीं ग्रामीणों के अनुसार, मामले के सामने आने के बाद खंड विकास अधिकारी जसरा ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन उनका आरोप है कि अभी तक अपेक्षित कार्रवाई दिखाई नहीं दी।
जसरा क्षेत्र की गौशालाओं की व्यवस्थाएं पहले भी सवालों में
गौशालाओं की व्यवस्था को लेकर जसरा क्षेत्र में पहले भी सवाल उठ चुके हैं। अगस्त 2026 में जसरा ब्लॉक के बड़ी कांटी गांव की गौशाला के निरीक्षण में मंडलायुक्त को गंदगी, जलभराव, घायल गोवंश और भूसे की कमी जैसी अव्यवस्थाएं मिली थीं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की गई थी।
ऐसे में रेरा गौशाला में गोवंशों की मौत के मामले में भी ग्रामीण अब जिम्मेदारी तय करने और गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें:

Prayagraj, Ouuta Pradesh
Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:
सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।