मां दधिमथी मंदिर में गरबा महोत्सव की धूम, नारी शक्ति ने बिखेरे संस्कृति के रंग


रंग-बिरंगे परिधानों में महिलाओं ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां, गणगौर प्रतियोगिता की प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रतिभावान महिलाओं का हुआ सम्मान

भीलवाड़ा। मां दधिमथी मंदिर में आयोजित गरबा महोत्सव में भक्ति, संस्कृति और नारी शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। अखिल भारतीय दाहिमा दाधीच ब्राह्मण महासभा के महिला प्रकोष्ठ की ओर से आजादनगर स्थित मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाओं की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को आकर्षक बना दिया। महोत्सव के दौरान गणगौर प्रतियोगिता में भाग लेने वाली प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही समाज की प्रतिभावान महिलाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

मां दधिमथी के दरबार में भक्ति और संस्कृति का संगम

मां दधिमथी मंदिर में आयोजित गरबा महोत्सव ने धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक परंपराओं की खूबसूरती को भी प्रदर्शित किया। महिलाओं ने निर्धारित ड्रेस कोड के अनुसार पारंपरिक परिधानों में सजधजकर कार्यक्रम में हिस्सा लिया। विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं ने अपनी प्रस्तुतियों से आयोजन में उत्साह और उमंग का माहौल बनाए रखा।

महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष सावित्री शर्मा ने बताया कि मां दधिमथी के चरणों में आयोजित गरबा महोत्सव दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चला। इस दौरान महिलाओं ने सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं के रंग बिखेरे।

गणगौर प्रतियोगिता की प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत

महोत्सव के दौरान गणगौर प्रतियोगिता में भाग लेने वाली महिलाओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस पहल के माध्यम से प्रतिभागियों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा, समाज की प्रतिभावान महिलाओं को भी सम्मानित किया गया। आयोजकों ने उनके योगदान और प्रतिभा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से सम्मान समारोह आयोजित किया।

कार्यक्रम में पुरस्कार वितरण और सम्मान के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के साथ प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना भी महोत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

मंजू शर्मा मुख्य अतिथि और अंजू तिवारी ने की अध्यक्षता

गरबा महोत्सव में मंजू शर्मा प्रशासक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता अंजू तिवारी ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में मंजू कंठ, पार्षद नेहा जोशी, वैज्ञानिक अधिकारी श्वेता दाधीच और भजन गायिका चंदा दाधीच उपस्थित रहीं।

इनके साथ समाज की अनेक महिलाएं भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। महिलाओं की उपस्थिति और सहभागिता ने आयोजन को विशेष बनाया। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जुड़ाव और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी महत्व दिया गया।

सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखना महोत्सव का उद्देश्य

आयोजकों ने बताया कि गरबा महोत्सव का उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखना है। इसके अलावा, समाज की महिला प्रतिभाओं को अपनी कला और प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना भी आयोजन का प्रमुख उद्देश्य रहा।

महोत्सव के माध्यम से महिलाओं को एक साथ आने, सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने और समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का अवसर मिला। इस तरह मां दधिमथी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम ने धार्मिक श्रद्धा, सांस्कृतिक विरासत और नारी शक्ति के महत्व को सामने रखा।

स्नेहभोज के साथ कार्यक्रम का समापन

गरबा महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, पुरस्कार वितरण और प्रतिभावान महिलाओं के सम्मान के बाद स्नेहभोज का आयोजन भी किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ। आयोजन में भक्ति, संस्कृति और महिला सहभागिता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां प्रमुख आकर्षण रहीं।

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