हिंदुस्तान जिंक के स्वास्थ्य शिविरों में 1,263 लोगों को मिला उपचार


ममता एचआईएमसी के सहयोग से पांच क्षेत्रों में लगे शिविर, विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की जांच, परामर्श दिया और निःशुल्क दवाइयां वितरित कीं

भीलवाड़ा। हिंदुस्तान जिंक के स्वास्थ्य शिविरों में 1,263 लोगों को मिला उपचार। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने ममता एचआईएमसी के सहयोग से राजस्थान और उत्तराखंड के पांच प्रमुख परिचालन क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श, विभिन्न स्वास्थ्य जांच और निःशुल्क दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

अगूचा, चंदेरिया, जावर, दरीबा और पंतनगर में आयोजित इन शिविरों में कुल 1,263 लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। इनमें 766 महिलाएं और 497 पुरुष शामिल हैं। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के लोगों को उनके क्षेत्र में ही आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।

पांच क्षेत्रों में आयोजित किए गए स्वास्थ्य शिविर

हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने ममता एचआईएमसी के सहयोग से अपने पांच प्रमुख परिचालन क्षेत्रों में इन स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया। राजस्थान और उत्तराखंड में आयोजित शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना रहा।

इन शिविरों में विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। कुल लाभार्थियों में 766 महिलाएं और 497 पुरुष शामिल रहे। शिविरों के माध्यम से लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच कराने और जरूरत के अनुसार दवाइयां प्राप्त करने की सुविधा मिली।

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की स्वास्थ्य जांच

स्वास्थ्य शिविरों में स्त्री रोग, अस्थि रोग, नेत्र रोग और सामान्य चिकित्सा के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमों ने लोगों की स्वास्थ्य जांच की। चिकित्सकों ने जांच के आधार पर आवश्यक परामर्श दिया, ताकि लोग अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समझ सकें और जरूरत के अनुसार उपचार प्राप्त कर सकें।

इसके साथ ही शिविरों में नेत्र जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। आंखों से संबंधित समस्याओं की पहचान करने और लोगों को आवश्यक चिकित्सकीय सलाह देने के लिए यह जांच महत्वपूर्ण रही।

हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और ब्लड शुगर की भी जांच

शिविरों में सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और ब्लड शुगर की जांच की गई। इन जांचों के माध्यम से लोगों को अपने स्वास्थ्य की स्थिति जानने और संभावित समस्याओं के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला।

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार परामर्श दिया। साथ ही जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं, जिससे उन्हें समय पर उपचार प्राप्त करने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत पाने में मदद मिल सके।

ग्रामीणों के लिए आने-जाने की सुविधा भी उपलब्ध

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए कई बार आवागमन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए हिंदुस्तान जिंक और ममता एचआईएमसी की संयुक्त पहल के तहत घर से शिविर तक आने-जाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि लोगों को शिविर तक पहुंचने में अनावश्यक परेशानी न हो और वे आसानी से चिकित्सा सुविधाओं का लाभ ले सकें। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करना अधिक सुविधाजनक बना।

समय पर उपचार और स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर

इस पहल का प्रमुख उद्देश्य दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना और किसी भी व्यक्ति को आवश्यक उपचार से वंचित नहीं रहने देना रहा। स्वास्थ्य शिविरों के जरिए लोगों को अपनी सेहत के प्रति सजग रहने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर जांच कराने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।

हिंदुस्तान जिंक की यह पहल केवल चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि समुदायों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। समय पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श मिलने से लोगों को अपनी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को समझने में मदद मिलती है।

हिंदुस्तान जिंक और ममता एचआईएमसी के संयुक्त प्रयास

हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड और ममता एचआईएमसी के संयुक्त प्रयासों से ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों की स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच मजबूत हो रही है। पांच परिचालन क्षेत्रों में आयोजित शिविरों के माध्यम से 1,263 लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं।

इसके साथ ही लोगों को समय पर स्वास्थ्य जांच कराने और अपनी समस्याओं के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श, विभिन्न स्वास्थ्य जांच, निःशुल्क दवाइयों का वितरण और आवागमन की सुविधा इस पहल के प्रमुख हिस्से रहे। इन प्रयासों के जरिए ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने और समुदायों में स्वास्थ्य जागरूकता को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।

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