पंचायत राज चुनाव 2026 के लिए वजीरपुर में अनूठी पहल


ग्रामीण स्कूल-कॉलेजों में स्वीप अभियान के तहत विद्यार्थियों को किया जागरूक, निर्भय, निष्पक्ष और नैतिक मतदान का संदेश घर-घर पहुंचाने की पहल

सवाई माधोपुर। पंचायत राज चुनाव 2026 के मद्देनजर वजीरपुर में मतदाता जागरूकता अभियान के तहत अनूठी पहल की गई है। ग्रामीण क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की अभ्यास पुस्तिकाओं पर मतदान जागरूकता की विशेष मोहर लगाई गई है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से युवा मतदाताओं और उनके परिवारों तक मतदान का महत्व पहुंचाना है। अभियान के तहत “निर्भय, निष्पक्ष और नैतिक मतदान” का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

एसडीएम के निर्देश पर विद्यालयों में आयोजित हुईं जागरूकता कार्यशालाएं

पंचायत राज चुनाव 2026 के तहत उपखंड वजीरपुर में निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (पंचायत) एवं एसडीएम महिपाल सिंह के निर्देशानुसार मतदाता जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इस अभियान में स्वीप प्रभारी एवं उप प्रधानाचार्य सोहन लाल गुप्ता और नरेश सिसोदिया ने उपखंड के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में मतदाता जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया।

इन कार्यशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को मतदान के महत्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदाताओं की भूमिका के बारे में जागरूक किया गया। अभियान को ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों तक पहुंचाते हुए स्थानीय स्तर पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।

श्यारोली से रायपुर तक विभिन्न विद्यालयों में हुआ आयोजन

उपखंड वजीरपुर के विभिन्न विद्यालयों में मतदाता जागरूकता कार्यशालाएं अलग-अलग जिम्मेदारियों के साथ आयोजित की गईं। श्यारोली में प्रभू लाल बैरवा और गिरीश गुप्ता के नेतृत्व में जागरूकता कार्यशाला हुई। वहीं, पीलोदा में कैलाश चंद्र गुप्ता और नीरज कुमार शर्मा ने अभियान का नेतृत्व किया।

इसी क्रम में छोटी उदेई में धर्मवीर मंडावत, जिवली में रामकेश बैरवा, बडोली में सत्यप्रकाश मीणा तथा रायपुर में भवानी शंकर जी के नेतृत्व में मतदाता जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों तक मतदान जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया।

जनवरी 2027 में 18 वर्ष पूरे करने वाले युवा भी भर सकते हैं फॉर्म

कार्यशाला के दौरान प्रधानाचार्य प्रभू लाल बैरवा ने विद्यार्थियों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनवरी 2027 में 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी मतदाता बनने के लिए अपना फॉर्म भर सकते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को नोटा के महत्व के बारे में भी बताया। कार्यशाला में मतदान से संबंधित जानकारी देकर युवाओं को चुनावी प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।

अभ्यास पुस्तिकाओं पर विशेष मोहर से दिया जाएगा मतदान का संदेश

स्वीप प्रभारी एवं उप प्रधानाचार्य सोहन लाल गुप्ता ने बताया कि पंचायत राज आम चुनाव 2026 को ध्यान में रखते हुए जिले में स्वीप (SVEEP) गतिविधियों के तहत मतदाता जागरूकता अभियान को नया रूप दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार “निर्भय-निष्पक्ष-नैतिक मतदान” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह अभिनव पहल शुरू की गई है।

इस अभियान के तहत जिले के समस्त ग्रामीण उच्च माध्यमिक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की अभ्यास पुस्तिकाओं पर मतदाता जागरूकता की विशेष मोहर लगाई गई है। इस मोहर पर सवाई माधोपुर जिले की पहचान से जुड़े रणथंभौर दुर्ग और बाघ के प्रतीकों के साथ “निर्भय-निष्पक्ष-नैतिक मतदान” का संदेश अंकित किया गया है।

इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को उनकी रोजमर्रा की पढ़ाई के साथ मतदान के महत्व की याद दिलाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि मतदान संबंधी जागरूकता विद्यालयों से निकलकर परिवारों और समाज तक पहुंचे।

विद्यार्थियों के माध्यम से परिवारों तक पहुंचेगा मतदान का संदेश

नरेश सिसोदिया ने बताया कि इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य युवा मतदाताओं और उनके परिवारों को मतदान के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि जब विद्यार्थी रोज अपनी अभ्यास पुस्तिका खोलेंगे, तो उस पर लगी जागरूकता मोहर उन्हें मतदान का महत्व याद दिलाएगी।

इसके साथ ही विद्यार्थी अपने घरों में माता-पिता, बड़े-बुजुर्गों और परिवार के अन्य सदस्यों को भी मतदान के लिए प्रेरित कर सकेंगे। इस तरह अभ्यास पुस्तिकाओं पर लगाई गई मोहर केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि परिवार और समाज में भी मतदान जागरूकता का संदेश पहुंचाने का माध्यम बनेगी।

सवाई माधोपुर की पहचान से जुड़ा जागरूकता अभियान का लोगो

इस अभियान का लोगो भी जिले की पहचान और मतदान के संदेश को एक साथ प्रस्तुत करता है। इसमें सवाई माधोपुर जिले का नक्शा, टाइगर, किला और मतदान की स्याही लगी उंगली दर्शाई गई है। इन प्रतीकों के माध्यम से जिले की पहचान के साथ निर्भय, निष्पक्ष और नैतिक मतदान का संदेश दिया गया है।

पंचायत राज चुनाव 2026 के तहत शुरू की गई इस पहल में विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को माध्यम बनाकर मतदान जागरूकता को व्यापक स्तर पर पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य है कि युवा मतदाता मतदान प्रक्रिया को समझें और अपने परिवारों में भी जिम्मेदार मतदान के लिए प्रेरणा बनें।

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