सेवा शिविर लापरवाही पर सख्त कार्रवाई: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश


ग्रामीण-शहरी सेवा शिविरों में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, राजस्व मामलों के तुरंत निस्तारण और वीबी-जी राम जी योजना पर जोर

जयपुर।पंकज शर्मा। सेवा शिविर लापरवाही पर सख्त कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण और शहरी सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी और मजबूत माध्यम बनकर उभर रहे हैं, इसलिए इन शिविरों का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं बल्कि मौके पर वास्तविक समाधान होना चाहिए।

ग्रामीण-शहरी सेवा शिविरों की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग, राजस्व विभाग तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारी शामिल रहे।

बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले नए प्रकरणों और लंबित मामलों की अलग-अलग सूची तैयार की जाए। इसके साथ ही यह सूची जिलेवार तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि हर जिले की प्रगति का स्पष्ट मूल्यांकन किया जा सके।

लंबित राजस्व मामलों पर तत्काल कार्रवाई

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विशेष रूप से ग्रामीण सेवा शिविरों में वर्षों से लंबित राजस्व मामलों के तुरंत निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि ग्रामीणों को समय पर राहत मिल सके और प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभागों के कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी स्तर पर ढिलाई पाए जाने पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

सेवा शिविरों में लापरवाही पर सख्त चेतावनी

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सेवा शिविरों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी भी स्तर पर कार्य में कोताही पाई जाती है तो उसके खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि सेवा शिविरों को सड़क, पानी, बिजली और चिकित्सा जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान का माध्यम बनाया जाए, न कि केवल अस्थायी निस्तारण का।

वीबी-जी राम जी योजना पर विशेष फोकस

बैठक में मुख्यमंत्री ने वीबी-जी राम जी योजना के क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि 1 जुलाई से इस योजना की सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।

यह योजना विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत लागू की जा रही है, जिसे उन्होंने राजस्थान के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार व आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराएगी।

जिलेवार मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी शिविरों की प्रगति की जिलेवार रिपोर्टिंग की जाए। इसके साथ ही प्रत्येक विभाग अपने स्तर पर नियमित समीक्षा सुनिश्चित करे, ताकि योजनाओं और शिविरों का लाभ सीधे आमजन तक पहुंच सके।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शिविरों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि कोई भी नागरिक सरकारी योजनाओं और सेवाओं से वंचित न रहे तथा हर समस्या का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाए।


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