बांकीपुर धरा में गोवर्धन लीला, भक्ति में भाव-विभोर हुए श्रद्धालु


भागवत कथा के पांचवें दिन गोवर्धन पूजा की लीला सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हुए, पंडाल में गूंजे गोवर्धन नाथ के जयकारे।

प्रयागराज। यमुनानगर के बारा तहसील अंतर्गत बांकीपुर धरा गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में गुरुवार को भक्ति अपने चरम पर पहुंच गई। जब भागवताचार्य ने गोवर्धन पूजा की लीला का वर्णन किया तो पूरा पंडाल “गोवर्धन नाथ की जय” और “गिरिराज धरण की जय” के जयकारों से गूंज उठा। समाजसेवी मनोज मिश्रा सपरिवार द्वारा अपने पूज्य पिताजी के वार्षिक श्राद्ध के उपलक्ष्य में इस सात दिवसीय भागवत ज्ञान यज्ञ का आयोजन कराया जा रहा है।

इंद्र का अभिमान टूटा, गोवर्धन बने रक्षक

भागवत कथा के पांचवें दिवस पर परम पूज्य पं. बृज बिहारी तिवारी जी महाराज ने गोवर्धन लीला का मार्मिक वर्णन किया। महाराज जी ने बताया कि देवराज इंद्र के अभिमान को तोड़ने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र की पूजा छोड़कर गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिए कहा।

इससे क्रोधित होकर इंद्र ने लगातार सात दिन तक मूसलाधार वर्षा कराई। ऐसे समय में सात वर्ष के नन्हें कन्हैया ने अपनी छोटी अंगुली पर विशाल गोवर्धन पर्वत को उठाकर पूरे ब्रज की रक्षा की और इंद्र का मान-मर्दन किया।

गोवर्धन पूजा से प्रकृति संरक्षण का संदेश

महाराज जी ने गोवर्धन पूजा की कथा के माध्यम से प्रकृति के महत्व और उसके संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा हमें सिखाती है कि प्रकृति ही परमात्मा है। जो प्रकृति की रक्षा करता है, प्रकृति उसकी रक्षा करती है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गिरिराज पर्वत को उठाकर यह संदेश दिया कि अहंकार चाहे देवराज इंद्र का ही क्यों न हो, एक दिन उसका अंत होता है।

गोवर्धन लीला का वर्णन सुनते हुए कई श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं। कथा के दौरान महिलाओं ने भजन-कीर्तन पर नृत्य भी किया। वहीं पंडाल में लगातार भगवान श्रीकृष्ण और गिरिराज महाराज के जयकारे गूंजते रहे।

दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक चल रही कथा

बांकीपुर धरा में आयोजित यह दिव्य भागवत कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक चल रही है। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं।

कथा के समापन पर हवन-पूजन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। यजमान परिवार की ओर से कथा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पेयजल और प्रसाद की भी व्यवस्था की गई है।

यह भी पढ़ें:


Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:

सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।

WhatsApp अभी जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *