बारा में सड़क किनारे भारी वाहनों की अवैध पार्किंग, धूल और तेज रफ्तार से बढ़ते हादसों पर एसीपी वेदव्यास मिश्रा ने दिखाई सख्ती।
प्रयागराज। पीपीजीसीएल-अल्ट्राटेक हॉटस्पॉट एरिया में लगातार लगने वाले जाम, सड़क दुर्घटनाओं और भारी वाहनों की मनमानी पार्किंग को लेकर पुलिस प्रशासन अब सख्त हो गया है। यमुनानगर के बारा क्षेत्र में पीपीजीसीएल, अल्ट्राटेक और जेके सीमेंट प्लांट के आसपास का इलाका दुर्घटनाओं और यातायात अव्यवस्था के कारण हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। यहां रोजाना लगने वाले जाम, उड़ती धूल और तेज रफ्तार वाहनों के कारण राहगीरों के साथ-साथ बेजुबान पशुओं की जान भी खतरे में पड़ रही है।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए एसीपी बारा वेदव्यास मिश्रा स्वयं मैदान में उतरे और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने वाहन चालकों और संबंधित प्लांट प्रबंधन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सड़क पर मनमाने तरीके से वाहन खड़े करने, जाम लगाने और तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसीपी वेदव्यास मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर दी चेतावनी
एसीपी बारा वेदव्यास मिश्रा ने पीपीजीसीएल, अल्ट्राटेक और जेके सीमेंट प्लांट के सामने सड़क के दोनों किनारों पर आड़े-तिरछे खड़े भारी वाहनों को देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर ही वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी।
इसके साथ ही उन्होंने प्लांट प्रबंधन को भी दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क वाहनों की पार्किंग के लिए नहीं है। सड़क के दोनों तरफ ट्रक और अन्य भारी वाहन खड़े कर देने से आवागमन बाधित होता है। इससे जाम की स्थिति पैदा होती है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।
एसीपी ने स्पष्ट किया कि इस तरह की मनमानी अब नहीं चलेगी। सभी वाहन चालकों को अपने वाहन निर्धारित स्थान पर ही खड़े करने होंगे। यदि कोई चालक सड़क पर आड़े-तिरछे वाहन खड़ा करता पाया गया तो उसका तत्काल चालान किया जाएगा और नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी।
तीन बड़ी वजहों से हॉटस्पॉट बन रहा पीपीजीसीएल-अल्ट्राटेक क्षेत्र
1. भारी वाहनों का जमावड़ा बना परेशानी का कारण
पीपीजीसीएल, अल्ट्राटेक और जेके सीमेंट प्लांट के आसपास दिन-रात सैकड़ों भारी वाहन खड़े रहते हैं। इनमें ट्रक, ट्रेलर और डंपर जैसे बड़े वाहन शामिल हैं। इन वाहनों के सड़क के दोनों तरफ आड़े-तिरछे खड़े रहने से सड़क की चौड़ाई काफी कम हो जाती है।
ऐसी स्थिति में आम वाहन चालकों और राहगीरों को निकलने में परेशानी होती है। सड़क पर जगह कम बचने के कारण आमने-सामने से आने वाले वाहनों के बीच टक्कर होने का खतरा बना रहता है। जरा सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। लगातार वाहनों के जमावड़े से इस क्षेत्र में जाम की समस्या भी बनी रहती है।
2. तेज रफ्तार और धूल के गुबार से बढ़ रहा हादसों का खतरा
इस क्षेत्र में सीमेंट प्लांट और भारी वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क पर धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। धूल इतनी अधिक होती है कि राहगीरों और वाहन चालकों को सामने देखने में भी परेशानी होती है। कई बार धूल के कण सीधे आंखों में चले जाते हैं, जिससे कुछ समय के लिए दिखाई देना मुश्किल हो जाता है।
वहीं, दूसरी ओर भारी वाहनों की तेज रफ्तार स्थिति को और गंभीर बना देती है। धूल के कारण दृश्यता प्रभावित होने और वाहनों की गति अधिक रहने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए इस रास्ते से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है।
3. बेजुबान पशु भी बन रहे सड़क हादसों का शिकार
पीपीजीसीएल-अल्ट्राटेक क्षेत्र में केवल इंसानों की सुरक्षा ही चिंता का विषय नहीं है, बल्कि बेजुबान पशुओं की जान भी खतरे में है। यहां गाय, कुत्ते और अन्य पशु आए दिन तेज रफ्तार भारी वाहनों की चपेट में आकर अपनी जान गंवा रहे हैं।
भारी वाहनों की लगातार आवाजाही और तेज गति के कारण पशुओं को सड़क पार करने में भी खतरा बना रहता है। इंसान अपनी परेशानी और दुर्घटना की शिकायत कर सकता है, लेकिन बेजुबान पशु अपनी पीड़ा किसी के सामने जाहिर नहीं कर सकते। ऐसे में इस क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुधारने और वाहनों की गति नियंत्रित करने की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है।
एसीपी ने जारी किए सख्त निर्देश, नियम तोड़ने पर होगा चालान
क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एसीपी बारा वेदव्यास मिश्रा ने वाहन चालकों और संबंधित प्रबंधन को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी।
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आड़े-तिरछे वाहन खड़े करने पर तत्काल चालान: सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
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सड़क किनारे पार्किंग पूरी तरह बंद: सड़क के दोनों तरफ भारी वाहनों की पार्किंग नहीं होगी। वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़े किए जाएंगे।
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ओवरस्पीड पर कड़ी कार्रवाई: तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ यातायात नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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प्लांट प्रबंधन को नोटिस: धूल की समस्या को देखते हुए प्लांट प्रबंधन को पानी का नियमित छिड़काव करने और सड़क को साफ रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि इस व्यवस्था में लापरवाही होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन की होगी।
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पुलिस की नियमित चेकिंग: हॉटस्पॉट क्षेत्र में रोजाना पुलिस चेकिंग की जाएगी। इसके लिए ड्यूटी प्वाइंट भी लगाया जाएगा, ताकि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जा सके।
राहगीरों ने कार्रवाई का किया स्वागत, बोले- देर से ही सही, अब जागे साहब
पीपीजीसीएल-अल्ट्राटेक मार्ग से रोजाना गुजरने वाले राहगीरों का कहना है कि इस रास्ते पर लंबे समय से धूल, जाम और भारी वाहनों की समस्या बनी हुई है। लोगों को यहां से गुजरते समय काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। धूल के गुबार के कारण आंखें खोलना मुश्किल हो जाता है, वहीं सड़क किनारे खड़े ट्रकों और तेज रफ्तार भारी वाहनों के बीच से निकलना भी जान जोखिम में डालने जैसा है।
राहगीरों का कहना है कि एसीपी बारा वेदव्यास मिश्रा ने जो सख्त रुख अपनाया है, वह बिल्कुल उचित है। यदि यातायात नियमों का पालन कराया जाए और सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग बंद हो जाए तो जाम और दुर्घटनाओं की समस्या में राहत मिल सकती है। लोगों ने उम्मीद जताई कि पुलिस की यह कार्रवाई केवल चेतावनी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नियमित रूप से नियमों का पालन भी कराया जाएगा।
प्लांटों का विस्तार हुआ, लेकिन यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय स्तर पर इस क्षेत्र की समस्या को लेकर एक बड़ा सवाल भी सामने आ रहा है। पीपीजीसीएल, अल्ट्राटेक और जेके सीमेंट जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों के विस्तार के साथ भारी वाहनों की संख्या और आवाजाही भी बढ़ी है, लेकिन सड़क और यातायात व्यवस्था को लेकर पर्याप्त सुधार नहीं दिखाई दे रहा है।
प्लांट बड़े हो गए, ट्रक और ट्रेलर की संख्या बढ़ गई, लेकिन सड़क आज भी पुरानी व्यवस्था के सहारे चल रही है। इसके चलते सड़क पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं, नियमों की अनदेखी और सड़क किनारे पार्किंग की समस्या आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
अब एसीपी बारा वेदव्यास मिश्रा ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यातायात व्यवस्था में लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वाहन चालकों को निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल करना होगा, तेज रफ्तार पर नियंत्रण रखना होगा और प्लांट प्रबंधन को धूल रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।
पीपीजीसीएल-अल्ट्राटेक हॉटस्पॉट क्षेत्र में अब पुलिस की नियमित निगरानी और चेकिंग होगी। ऐसे में वाहन चालकों और प्लांट प्रबंधन के लिए यातायात नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। एसीपी की इस सख्ती से स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सड़क पर जाम, धूल और दुर्घटनाओं की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
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Prayagraj, Ouuta Pradesh
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