भगवान झूलेलाल को रक्षा सूत्र बांध कर मनाया रक्षा बंधन पर्व


भीलवाड़ा|सिंधी समाज के आराध्यदेव भगवान झूलेलाल के दरबार में शनिवार सुबह रक्षा बंधन का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के नाथद्वारा सराय स्थित झूलेलाल कॉलोनी में दादा हेमराज मल भगत झूलेलाल सनातन मंदिर प्रांगण में दादा हेमराज मल सेवा समिति के पदाधिकारियों, सेवाधारियों और भगत परिवार के सदस्यों ने एकत्र होकर यह आयोजन किया।

इस मौके पर भगवान झूलेलाल की प्रतिमा को रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा निभाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर में सुबह की आरती के साथ हुई। समिति के कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने सबसे पहले भगवान झूलेलाल की प्रतिमा का विधिवत पूजन किया। प्रतिमा को तिलक व अक्षत अर्पित किए गए, माल्यार्पण कर उनका श्रृंगार किया गया और मिष्ठान का भोग लगाया गया। इसके बाद आराध्यदेव को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी कृपा व आशीर्वाद की कामना की गई।

सिंधी समाज के मीडिया प्रभारी मूलचंद बहरवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि रक्षा बंधन पर्व के उपलक्ष्य में यह आयोजन समिति के अध्यक्ष गुलशन कुमार विधानी और महामंत्री हरीश सखरानी के संयुक्त नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर मंदिर प्रांगण भजन-संगीत, कीर्तन और पल्लव अरदास की मधुर ध्वनियों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पल्लव करते हुए भाई-बहनों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और समाज में आपसी प्रेम-बन्धन को मजबूत करने की प्रार्थना की।

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कार्यक्रम में महंत भगत टेऊं राम व उनकी धर्मपत्नी भगवंती देवी का भी विशेष सम्मान किया गया। समिति की ओर से उनका अभिनंदन कर शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। महंत टेऊं राम ने इस अवसर पर समाज को एकजुट होकर धार्मिक और सामाजिक कार्यों में आगे बढ़ने का संदेश दिया।

मीडिया प्रभारी ने बताया कि दादा हेमराज मल सेवा समिति समय-समय पर मंदिर परिसर में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन करती रहती है। रक्षा बंधन पर्व पर हर साल बड़ी संख्या में समाजजन यहां एकत्र होते हैं और अपने आराध्य को रक्षा सूत्र बांधकर एक विशेष अनुष्ठान सम्पन्न करते हैं। यह परंपरा समाज में भाई-बहन के रिश्ते के साथ-साथ भगवान और भक्त के अटूट बंधन का प्रतीक मानी जाती है।

आयोजन के दौरान मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से ही श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचकर भगवान झूलेलाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते रहे। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का सिलसिला घंटों चलता रहा, जिसमें सभी उम्र के भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिला मंडल की सदस्याओं ने भजनों में अपनी मधुर स्वर-लहरियों से वातावरण को भक्ति-रस से सराबोर कर दिया।

भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक इस पर्व पर भगवान झूलेलाल की प्रतिमा को राखी बांधने की विशेषता पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि यह परंपरा समाज में धार्मिक आस्था के साथ-साथ रक्षाबंधन के पावन भाव को भी जीवित रखती है। कई श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर अपने बच्चों को भी मंदिर लाकर यह अनूठी परंपरा दिखाई ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इसे अपनाएं और समाज की विरासत को आगे बढ़ाएं।

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इस दौरान मंदिर प्रांगण में प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया। मिष्ठान और पंचामृत से बने प्रसाद को श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। समिति के सेवाधारियों ने प्रसाद वितरण और श्रद्धालुओं की सेवा में पूरी तत्परता दिखाई।

समिति के अध्यक्ष गुलशन कुमार विधानी ने कहा कि रक्षा बंधन केवल भाई-बहन का त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास और संरक्षण के संकल्प का पर्व है। भगवान झूलेलाल की प्रतिमा को रक्षा सूत्र बांधकर हम उनसे अपने समाज, परिवार और पूरे देश की रक्षा करने का आशीर्वाद मांगते हैं।

महामंत्री हरीश सखरानी ने बताया कि आने वाले दिनों में समिति की ओर से मंदिर में भजन संध्या, सत्संग और अन्य धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, ताकि समाज में भक्ति, एकता और सेवा की भावना को और सशक्त किया जा सके।

कार्यक्रम में झूलेलाल मित्र मंडल के गोर्धन जेठानी, मनोहर रामनानी, चीजनदास फतनानी, महेश खोतानी, अशोक केवलानी, नानक जेठानी सहित सैकड़ों सेवाधारी और श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सफलता के लिए समिति के प्रयासों की सराहना की और इस तरह के आयोजनों को समाज की संस्कृति व परंपरा के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण बताया।


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